स्टालिन ने तमिलनाडु के पूर्व सीएम एम. करुणानिधि को दी श्रद्धांजलि, बोले-मैंने उनसे चुनौती का सामना करना सीखा
चेन्नई, 3 जून (आईएएनएस)। द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) ने बुधवार को अपने संस्थापक नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की 103वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने चेन्नई के मरीना बीच स्थित करुणानिधि स्मारक पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता शामिल हुए। करुणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति तथा सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस अवसर पर स्टालिन ने एक्स पर एक भावुक संदेश साझा किया और तमिलनाडु तथा तमिल लोगों के कल्याण के लिए करुणानिधि के आजीवन योगदान और समर्पण को याद किया।
करुणानिधि को तमिलों का महान नेता बताते हुए स्टालिन ने कहा कि बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री अपने अंतिम दिनों तक जनता की सेवा के लिए समर्पित रहे।
स्टालिन ने लिखा, “वह एक महान नेता थे, जिन्होंने अपनी आखिरी सांस तक तमिलनाडु और तमिल लोगों की प्रगति के लिए लगातार काम किया। जीवन के अंतिम वर्षों में व्हीलचेयर पर रहने के बावजूद उन्होंने जनसेवा का अपना संकल्प नहीं छोड़ा।”
डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने कहा कि करुणानिधि आज भी उनकी राजनीतिक यात्रा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीत और हार, दोनों परिस्थितियों का मजबूती से सामना करने की ताकत उन्हें करुणानिधि से ही मिली है।
स्टालिन ने कहा, “मैंने कभी सफलता को अपने सिर पर हावी नहीं होने दिया और न ही असफलता को अपने मन पर बोझ बनने दिया। हर चुनौती का सामना करने की ताकत मुझे आपसे ही मिली है।”
हाल ही में चुनाव में मिली हार का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा कि पार्टी सत्ता में बने रहने का अवसर गंवा बैठी। हालांकि उन्होंने कहा कि करुणानिधि के आदर्श और उनका संघर्षशील स्वभाव आज भी उन्हें और उनके द्वारा तैयार किए गए हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि करुणानिधि से मिले संस्कार, विचार और नेतृत्व ने अतीत में डीएमके को कई चुनावी जीत दिलाने में मदद की। साथ ही इन्हीं मूल्यों ने तमिलनाडु को प्रगति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्टालिन ने अपने संदेश के अंत में पार्टी कार्यकर्ताओं से नए जोश और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि डीएमके एक बार फिर चुनावी सफलता हासिल करेगी और नया इतिहास रचेगी।
उन्होंने डीएमके के पार्टी चिह्न का जिक्र करते हुए और सत्ता में वापसी के पार्टी के संकल्प को दोहराते हुए कहा, “हम जीत का एक नया इतिहास रचेंगे। उगते सूरज की रोशनी से हम तमिलनाडु को घेरे हुए अंधेरे को दूर भगा देंगे।”
--आईएएनएस
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