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सिद्दारमैया की शिकायत पर कार्रवाई, फर्जी वीडियो मामले में दो लोग हिरासत में

सिद्दारमैया की शिकायत पर कार्रवाई, फर्जी वीडियो मामले में दो लोग हिरासत में
सिद्दारमैया की शिकायत पर कार्रवाई, फर्जी वीडियो मामले में दो लोग हिरासत में

बेंगलुरु, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) की साइबर अपराध पुलिस ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिद्दारमैया की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में लिया है। सिद्धारमैया ने आरोप लगाया है कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फर्जी और दुर्भावनापूर्ण वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमंथ कुमार सिंह के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने जांच शुरू की थी और दो संदिग्धों को एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।

सिद्दारमैया ने स्वयं पुलिस आयुक्त को शिकायत सौंपी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से रची गई राजनीतिक साजिश के तहत गलत सूचना फैलाई जा रही है। उन्होंने भ्रामक सामग्री फैलाने में शामिल सोशल मीडिया खातों का विवरण भी दिया था।

शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निगरानी शुरू कर दी और वीडियो प्रसारित करने वाले प्रमुख खातों के आईपी पतों का पता लगाकर इस्तेमाल किए गए उपकरणों के मालिकों की पहचान की।

पुलिस ने इस मामले में संलिप्त होने के संदेह में दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित कृत्य के पीछे कौन था और वीडियो कहां से आए थे।

सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने बेंगलुरु की एक सिविल और सत्र न्यायालय में याचिका दायर कर समाचार पत्रों, टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक स्टिंग ऑपरेशन वीडियो को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोकने का आदेश मांगा है।

एक बयान में सिद्दारमैया ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर एक अभियान देखा है जिसमें उनका नाम वीडियो से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक कारणों से उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का स्पष्ट प्रयास बताया।

सिद्दारमैया ने दावा किया था कि उनका स्टिंग ऑपरेशन वीडियो से कोई संबंध नहीं है और आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्व इसका इस्तेमाल उनके खिलाफ मानहानिकारक जानकारी फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने एहतियात के तौर पर अदालत का रुख किया है और अपने नाम से संबंधित वीडियो के प्रकाशन या प्रसारण को रोकने की मांग की है।

उन्होंने कहा, "मेरी अंतरात्मा जानती है कि मैं इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हूं," और विश्वास व्यक्त किया कि कर्नाटक के लोग, जो उनके पांच दशक लंबे राजनीतिक करियर से परिचित हैं, वे भी सच्चाई को समझेंगे।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम

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