एसआईटी ने नकली दवाओं के रैकेट के मुख्य आरोपी को चेन्नई में किया गिरफ्तार
बेंगलुरु, 30 सितंबर (आईएएनएस)। नकली दवाओं के रैकेट के एक और मुख्य आरोपी बालासुब्रमण्यन को चेन्नई में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार कर लिया है। बालासुब्रमण्यन की गिरफ्तारी के साथ ही गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या सात हो गई है।
पुलिस ने बुधवार को बताया कि बालासुब्रमण्यन की गिरफ्तारी मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन से पूछताछ के बाद हुई है। प्रशांत रंजन ने इस नेटवर्क और नकली दवा बनाने और बांटने के कथित रैकेट में शामिल अन्य लोगों के बारे में और जानकारी दी थी।
यह गिरफ्तारी जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर की गई। अदालत में पेश किए जाने के बाद बालासुब्रमण्यन को आगे की पूछताछ के लिए सात दिन की एसआईटी कस्टडी में भेज दिया गया।
चेन्नई स्थित फार्मा पार्टनर के तौर पर पहचाने गए बालासुब्रमण्यन, फार्मास्युटिकल कंपनी 'डीएम फार्मा' में प्रशांत रंजन के पार्टनर थे। जांच से पता चला है कि नकली दवाओं के निर्माण और वितरण में उसकी कथित तौर पर अहम भूमिका थी।
एसआईटी नकली दवाओं के निर्माण और वितरण में शामिल नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
इससे पहले नकली दवा बनाने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन बाबू को गिरफ्तार किया। वह अजरबैजान से भारत लौटा था।
पुलिस के मुताबिक, नकली दवा का नेटवर्क सामने आने के बाद प्रशांत कथित तौर पर अजरबैजान भाग गया था और जांच टीम ने उसे वहीं ट्रेस किया। एसआईटी के दबाव के बाद वह भारत लौटा और सोमवार सुबह एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।
गौरतलब है कि बेंगलुरु में नकली दवा का एक बड़ा घोटाला सामने आया था, जिसमें 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा कीमत की नकली, एक्सपायर हो चुकी और री-लेबल की गई जीवन रक्षक, आईसीयू और कैंसर की दवाएं जब्त की गई थीं। एसआईटी ने एक स्थानीय फार्मेसी मालिक को गिरफ्तार किया और पाया कि यह गैर-कानूनी नेटवर्क 90 से अधिक अस्पतालों और क्लीनिकों को खराब क्वालिटी की दवाएं सप्लाई करता था।
बाद में एसआईटी ने कर्नाटक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में कई जगहों पर छापेमारी की। कर्नाटक फूड सेफ़्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने इस घोटाले से जुड़े रिटेलर्स, होलसेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के 16 ड्रग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और आठ अन्य को सस्पेंड कर दिया है।
सस्पेंड किए गए लाइसेंस में फाइजर का सी एंड एफ (कैरीइंग एंड फॉरवर्डिंग) डिपो भी शामिल था। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने कहा कि एजेंसी जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने या जब्त की गई नकली दवाओं के केमिकल घटकों की लैब-टेस्टिंग के लिए जरूरी रेफरेंस स्टैंडर्ड उपलब्ध कराने में नाकाम रही।
चूंकि कैंसर और गंभीर बीमारियों की नकली दवाएं बांटी गई थीं, इसलिए स्वास्थ्य विभाग प्रभावित मरीजों का पता लगाने और उनकी सेहत की स्थिति का आकलन करने की कोशिश कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध पैकेजिंग के लिए लेबल को ध्यान से देखें और अगर कोई क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो रहा है, तो इसकी सूचना सीधे ड्रग एनफोर्समेंट अधिकारियों को दें।
--आईएएनएस
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