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खड़गे ‘शुद्धिकरण’ मामले में भाजपा नेताओं पर एफआईआर, जांच के लिए उत्तराखंड भेजेगी कर्नाटक पुलिस (लीड)

खड़गे ‘शुद्धिकरण’ मामले में भाजपा नेताओं पर एफआईआर, जांच के लिए उत्तराखंड भेजेगी कर्नाटक पुलिस (लीड)
खड़गे ‘शुद्धिकरण’ मामले में भाजपा नेताओं पर एफआईआर, जांच के लिए उत्तराखंड भेजेगी कर्नाटक पुलिस (लीड)

बेंगलुरु, 5 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी के अन्य सदस्यों के खिलाफ बेंगलुरु में दर्ज की गई एफआईआर को उत्तराखंड जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। यह मामला एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की राज्य यात्रा के बाद एक सार्वजनिक मैदान में किए गए "शुद्धिकरण अनुष्ठान" से संबंधित है। पुलिस ने शनिवार को इस हालिया कदम के बारे में जानकारी दी।

आदिवासी कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति विभाग प्रकोष्ठ के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा द्वारा दायर शिकायत के आधार पर विधान सौधा पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी।

शिकायत में कहा गया है कि 8 अगस्त को खड़गे द्वारा नैनीताल जिले के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद वहां 'शुद्धिकरण' नामक एक अनुष्ठान किया गया था। इसका उद्देश्य जातिवादी धारणा को व्यक्त करना था कि खड़गे की उपस्थिति के बाद वह स्थान "अपवित्र" हो गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि खड़गे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं और अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं।

शिकायत में महेंद्र भट्ट और भाजपा के अन्य पदाधिकारियों पर मीडिया बयानों के माध्यम से इस अनुष्ठान का बचाव और समर्थन करने का आरोप लगाया गया है। रामप्पा ने तर्क दिया कि ऐसे बयान जाति आधारित भेदभाव के कृत्य का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने और उसे राजनीतिक स्वीकृति देने के बराबर हैं।

31 अगस्त को प्रस्तुत लिखित शिकायत पर कानूनी राय लेने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एफआईआर को घटनास्थल उत्तराखंड के संबंधित अधिकारियों को आगे की जांच के लिए शीघ्र ही भेज दिया जाएगा।

जीरो एफआईआर के तहत कोई भी पुलिस स्टेशन क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र की परवाह किए बिना शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद मामला उस पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया जाता है, जिसके अधिकार क्षेत्र में अपराध हुआ है।

यह घटनाक्रम मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा जे.पी. नड्डा को पत्र लिखने के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने हल्द्वानी में शुद्धिकरण अनुष्ठान के संबंध में एफआईआर दर्ज न होने पर सवाल उठाए थे।

खबरों के मुताबिक, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि घटना को हुए 24 दिन बीत चुके हैं और उन्होंने नड्डा के उस आश्वासन को याद किया कि उचित कार्रवाई की जाएगी।

कर्नाटक पुलिस द्वारा जीरो एफआईआर दर्ज किए जाने से उत्तराखंड अधिकारियों के लिए मामले को अपने हाथ में लेने और आरोपों की जांच करने का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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