कर्नाटक के सीएम और कांग्रेस चाहे जितना भी ढोल पीट लें, वे उपचुनाव नहीं जीत पाएंगे : भाजपा
बेंगलुरु, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चाहे कितना भी 'ढोल पीट लें,' वे उन दोनों सीटों पर जीत हासिल नहीं कर पाएंगे, जहां हाल ही में राज्य में उपचुनाव हुए थे।
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट, दोनों ही सीटों पर निश्चित रूप से जीत हासिल करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोग अब कांग्रेस सरकार से तंग आ चुके हैं, क्योंकि प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और विकास कार्यों की भारी कमी है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों को खुश करने की राजनीति कर रही है, जबकि हिंदुओं का अपमान किया जा रहा है; इन्हीं सब कारणों से जनता भाजपा को अपना आशीर्वाद देगी।
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक खुली बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि इस बहस में यह तुलना की जाएगी कि बी.एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिवमोग्गा जिले में कितने विकास कार्य हुए, और सिद्धारमैया के नेतृत्व में मैसूर जिले में कितने विकास कार्य किए गए।
उन्होंने सरकार की इस बात के लिए भी आलोचना की कि वह मैसूर में 'मैसूर सिल्क' को बचाने में कथित तौर पर असमर्थ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसे बंद करके इसकी जमीन पर एक स्टेडियम बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के भाषण चाहे जैसे भी हों, 4 मई को वोटों की गिनती के दौरान नतीजे पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएंगे, और उन नतीजों में जनता का फैसला साफ तौर पर दिखाई देगा।
गौरतलब है कि बागलकोट सीट पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार उमेश मेती और भाजपा के उम्मीदवार वीरन्ना चरंतिमठ के बीच था। यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक एच.वाई. मेती के निधन के कारण कराना पड़ा था।
दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस ने समर्थ मल्लिकार्जुन को मैदान में उतारा था, जबकि भाजपा ने श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस बीच, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) को उम्मीद थी कि भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही कड़ी टक्कर का फायदा उसकी पार्टी को मिलेगा, और इसी उम्मीद के साथ उसने अफसर कोडलीपेत को अपना उम्मीदवार बनाया था। यह उपचुनाव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के कारण कराना पड़ा था।
ये उपचुनाव अब दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गए हैं। इसके साथ ही, इन चुनावों के नतीजे विजयेंद्र, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
--आईएएनएस
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