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कर्नाटक विधान परिषद में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया बने सदन के नेता

कर्नाटक विधान परिषद में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया बने सदन के नेता
कर्नाटक विधान परिषद में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया बने सदन के नेता

बेंगलुरु, 13 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही गुरुवार को शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया को विधान परिषद में सदन का नया नेता नियुक्त किया गया। प्रो-टेम चेयरमैन पुट्टण्णा ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इसकी घोषणा की और यतींद्र सिद्धारमैया को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

नई जिम्मेदारी संभालने के बाद सदन को संबोधित करते हुए यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि मंत्री और सदन के नेता के रूप में यह उनकी पहली जिम्मेदारी है और इस भूमिका में उनका अनुभव सीमित है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों से मार्गदर्शन देने और गलती होने पर सुधारने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "मुझे पहली बार मंत्री और सदन का नेता नियुक्त किया गया है। चूंकि मेरा अनुभव सीमित है, इसलिए मैं सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे मेरा मार्गदर्शन करें और अगर मुझसे कोई गलती हो तो उसे सुधारें।"

यतींद्र ने सत्र के दौरान सभी दलों के सदस्यों से सहयोग और मार्गदर्शन देने की अपील की। उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद कांग्रेस सदस्यों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया।

यतींद्र सिद्धारमैया पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिद्धारमैया के बेटे हैं। वह 2018 से 2023 तक वरुणा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और वर्तमान में विधान परिषद के सदस्य हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मैसूरु जिले की वरुणा सीट से अपने पिता सिद्धारमैया की जीत सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

कर्नाटक विधान परिषद की कार्यवाही गुरुवार को मानसून सत्र के तहत शुरू हुई। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में प्रो-टेम स्पीकर टी.बी. जयचंद्र से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने मुख्यमंत्री शिवकुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र में प्रवेश करने से पहले डी.के. शिवकुमार ने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर झुककर अभिवादन किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी के प्रति भी सम्मान प्रकट किया।

विधानसभा में हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व वरिष्ठ विधायकों को श्रद्धांजलि भी दी गई। शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रामचंद्र गौड़ा के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि गौड़ा ने जनसंघ के दौर में बेंगलुरु नगर निगम के पार्षद के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और अपनी जनसेवा तथा प्रशासनिक दक्षता के लिए पहचान बनाई थी।

विजयेंद्र ने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरि ने भी रामचंद्र गौड़ा की कार्यकुशलता की सराहना की थी। उन्हें बाल-अनुकूल विधायक और उत्कृष्ट सांसद के रूप में भी सम्मानित किया गया था।

उन्होंने पूर्व कोलार विधायक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के.आर. श्रीनिवास, पूर्व रायचूर विधायक एस.एच. पुट्टरंगनाथ, सैयद यासीन, पूर्व येलहंका प्रतिनिधि श्रीनिवास, पूर्व शिवमोग्गा विधायक एच.एम. चंद्रशेखरप्पा, एच. हनुमंथप्पा और कृष्णप्पा के योगदान को भी याद किया।

विजयेंद्र ने हाल ही में दिवंगत हुई दिग्गज गायिकाओं एस. जानकी और आशा भोसले को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दोनों महान गायिकाएं भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जब तक सूर्य और चंद्रमा रहेंगे, उनकी आवाजें अमर रहेंगी।

उन्होंने कहा, "उनके गीत हमेशा हमारी यादों में बसे रहेंगे।"

विजयेंद्र ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वह न केवल देवेगौड़ा बल्कि पूरे परिवार के लिए मजबूती का स्रोत थीं।

--आईएएनएस

डीएससी

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