कर्नाटक: मंत्री बी. नागेंद्र ने दिया इस्तीफा, हाईकमान से चर्चा के बाद फैसला लेंगे डीके शिवकुमार
बेंगलुरु, 28 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे पर अंतिम फैसला वह 29 अगस्त को कांग्रेस हाईकमान से चर्चा के बाद लेंगे।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए शिवकुमार ने बताया कि नागेंद्र ने उनसे मुलाकात कर पार्टी के हित में मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। नागेंद्र का कहना था कि उनके खिलाफ चल रहे विवाद के कारण कांग्रेस सरकार को असहज स्थिति का सामना न करना पड़े और विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, "वह पार्टी को किसी तरह की शर्मिंदगी में नहीं डालना चाहते। वह कांग्रेस के एक सच्चे दलित नेता हैं।" उन्होंने बताया कि नागेंद्र ने अपना इस्तीफा पत्र उन्हें सौंप दिया है।
शिवकुमार ने कहा कि वह नागेंद्र के फैसले की जानकारी कांग्रेस हाईकमान को देंगे और शनिवार सुबह अंतिम निर्णय लेंगे।
उन्होंने कहा कि नागेंद्र का फैसला उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुखी करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागेंद्र अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं और उन्होंने दो बार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता को चुनाव में हराया है। उन्होंने कहा, "मेरे लिए भी यह पीड़ादायक है। उन्होंने भाजपा के एक बड़े नेता को दो बार हराकर जीत हासिल की थी।"
मुख्यमंत्री ने नागेंद्र का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अध्ययन किया है और उनकी कानूनी टीम ने भी पूरी जानकारी दी है। शिवकुमार ने दावा किया, "नागेंद्र का कथित अनियमितताओं से कोई संबंध नहीं है।"
हालांकि उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार किसी भी व्यक्ति से बड़ी होती है। उन्होंने नागेंद्र की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मंत्री पद से ऊपर पार्टी के हित को रखा है।
शिवकुमार ने कहा, "मैं हमेशा कहता रहा हूं कि नागेंद्र पार्टी के लिए कुछ भी त्यागने को तैयार रहते हैं। उन्होंने आज इसे साबित कर दिया है।" उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही नागेंद्र अपने ऊपर लगे आरोपों से बाहर निकलेंगे।
नागेंद्र के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगे जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को इस संबंध में राज्यपाल का पत्र मिला है। उन्होंने कहा कि कई कानूनी पहलुओं की जांच की जानी है और वह कानून के दायरे में रहकर निर्णय लेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं कानूनी मामलों में भेदभाव नहीं कर सकता। अभियोजन की अनुमति को लेकर मैं कानून के अनुसार फैसला करूंगा।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या नागेंद्र का इस्तीफा भाजपा और जेडीएस की जीत है, तो शिवकुमार ने इस बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "यह उनकी जीत कैसे हुई? झूठे आरोपों के आधार पर एक दलित नेता को निशाना बनाना क्या उनकी जीत है? अगर उन्हें खुशी मिलती है तो मिलने दीजिए।"
मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस उचित समय पर इसका जवाब देगी।
गौरतलब है कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा लगातार नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रही थी। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा की कार्यवाही भी प्रभावित हुई थी और विपक्ष ने अपने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए थे।
शिवकुमार ने कहा कि नागेंद्र ने इसी मामले को लेकर दूसरी बार मंत्री पद का त्याग किया है और अंतिम निर्णय लेने से पहले वह कांग्रेस हाईकमान से सलाह-मशविरा करेंगे।
--आईएएनएस
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