कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक का रुख सख्त, डीके शिवकुमार बोले- पानी छोड़ना मुश्किल
चित्रदुर्ग, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि राज्य संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के हालिया निर्देश के तहत तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ना मुश्किल होगा।
कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 4,000 क्यूसेक कावेरी का पानी छोड़ने के सीडब्ल्यूआरसी के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति की समीक्षा कर रही है और इस निर्देश को चुनौती देगी।
मुख्यमंत्री ने चित्रदुर्ग में पत्रकारों से कहा, "मुझे सीडब्ल्यूआरसी के कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश के बारे में जानकारी मिल रही है। तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना मुश्किल है, क्योंकि राज्य में पानी का संकट है। राज्य इस आदेश के खिलाफ अपील करेगा और जोर देकर कहा कि अगर पर्याप्त पानी उपलब्ध हुआ तो कर्नाटक पानी छोड़ेगा।"
उन्होंने कहा, "हम अपील कर रहे हैं। अगर पानी उपलब्ध हुआ तो हम पानी छोड़ेंगे।"
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि कावेरी कैचमेंट एरिया में कर्नाटक के जलाशयों में पानी का बहाव रुक गया है और बारिश भी कम हो गई है, जिससे राज्य के लिए स्थिति मुश्किल हो गई है।
उन्होंने कहा, "कावेरी कैचमेंट एरिया में राज्य के जलाशयों में पानी का बहाव रुक गया है। हम पर दबाव है। बारिश नहीं हो रही है। मैं शाम को इसकी पुष्टि करूंगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी उनके साथ हैं और सरकार के अगले कदम की घोषणा करने से पहले वे स्थिति की विस्तार से जांच करेंगे।
सीएम शिवकुमार ने कहा, "मेरे साथ जल संसाधन मंत्री भी हैं। इस स्थिति में मैं क्या कर सकता हूं, यह मैं बाद में बताऊंगा।"
तमिलनाडु को पानी छोड़ने के निर्देशों का विरोध करते हुए कर्नाटक ने बार-बार कावेरी बेसिन में पानी की आवक में कमी और पानी की किल्लत का हवाला दिया है। राज्य ने पहले कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण को बताया था कि कावेरी बेसिन का एक बड़ा हिस्सा सूखे का सामना कर रहा है और उपलब्ध जलाशय भंडारण का प्रबंधन पीने के पानी और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए किया जाना है।
हाल के महीनों में कम बारिश और कर्नाटक के जलाशयों में पानी की आवक घटने के कारण कावेरी जल-बंटवारे का विवाद और गहरा गया है। इससे पहले सितंबर में सीडब्ल्यूआरसी ने सिफारिश की थी और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कर्नाटक को निर्देश दिया था कि वह 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 6,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह सुनिश्चित करे। इस निर्देश के बाद कर्नाटक कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
यह घटनाक्रम कर्नाटक में सूखे जैसे व्यापक हालात के बीच सामने आया है, जहां राज्य सरकार राहत कार्यों के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग कर रही है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सूखे से प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए 'राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष' में केंद्र के हिस्से की राशि को समय से पहले जारी करने की भी मांग की है।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी

