कर्नाटक को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश से बहुत कुछ सीखना है: कुमारस्वामी
बेंगलुरु, 6 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर राज्य के हितों की रक्षा के मामले में एकजुट रुख अपनाने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश से बहुत कुछ सीखना है।
बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में सरकारें हमसे बार-बार संपर्क करती हैं और उद्योगों की मांग करती हैं। कर्नाटक को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश से बहुत कुछ सीखना है। उनके राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों, जब अपने राज्य के विकास की बात आती है, तो वे एकजुट हो जाते हैं।
कुमारस्वामी ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के पुनरुद्धार पैकेज का उदाहरण दिया।
कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के लिए विशेष पैकेज के पीछे की कहानी समझनी चाहिए। मैं जानता हूं कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसके लिए कितनी मेहनत की। जब विशेष पैकेज की घोषणा के बाद मैं विशाखापत्तनम गया था, तो वहां के लोगों ने मेरा दूध से अभिषेक किया था। मुझे यहां ऐसे किसी अभिषेक की आवश्यकता नहीं है। बस मुझे काम करने दीजिए।
उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना के कांग्रेस मुख्यमंत्री ने उनसे कई बार मुलाकात की है और केंद्र से अधिक समर्थन की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली में दुनिया के सबसे बड़े हरित इस्पात संयंत्रों में से एक का निर्माण हो रहा है... आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्वयं शिलान्यास समारोह में मेरी उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसी तरह एक राज्य केंद्र से काम करवाता है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारियों को उनसे बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।
कुमारस्वामी ने राज्य सरकार की वृक्षारोपण पहलों पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु विकास मंत्री ने वृक्षारोपण से होने वाली कमाई की बात कही थी। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री ने 15 लाख पौधे लगाने का दावा करके खूब प्रचार किया। वहां जाकर देखिए कि वास्तव में वे पौधे कैसे लगाए गए हैं। उन्हें ऐसे लगाया गया है जैसे धान के पौधे रोप रहे हों। और ये वही लोग हैं जो जंगलों की रक्षा करने का दावा करते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र में भारी उद्योग मंत्रालय का कार्यभार संभालने के क्षण से ही कांग्रेस सरकार ने बाधाएं खड़ी करना शुरू कर दिया था।
--आईएएनएस
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