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बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार ने अर्बन मोबिलिटी मिशन कमेटी बनाई, गृह मंत्री करेंगे अध्यक्षता

बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार ने अर्बन मोबिलिटी मिशन कमेटी बनाई, गृह मंत्री करेंगे अध्यक्षता
बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए कर्नाटक सरकार ने अर्बन मोबिलिटी मिशन कमेटी बनाई, गृह मंत्री करेंगे अध्यक्षता

बेंगलुरु, 8 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के लिए एक व्यापक, प्रभावी, टिकाऊ और तकनीक आधारित शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से ‘अर्बन मोबिलिटी मिशन कमेटी फॉर बेंगलुरु’ का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता गृह मंत्री प्रियंक खड़गे करेंगे।

गृह विभाग ने शनिवार को समिति के गठन का आदेश जारी किया। यह समिति बेंगलुरु में बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी एजेंसियों, निजी परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स कंपनियों, तकनीकी फर्मों, शैक्षणिक संस्थानों, विशेषज्ञों और नागरिक प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाएगी।

प्रियंक खड़गे ने कहा, "बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्याओं के लिए अलग-अलग कदम उठाने के बजाय इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सभी संबंधित सरकारी विभागों, निजी क्षेत्र, तकनीकी कंपनियों, विशेषज्ञों और नागरिकों को एक मंच पर लाकर समग्र समाधान विकसित करना है।"

सरकार ने कहा कि बेंगलुरु इस समय कई परिवहन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इनमें वाहनों की बढ़ती भीड़, यात्रा समय में वृद्धि, पहले और अंतिम पड़ाव तक पर्याप्त कनेक्टिविटी की कमी, सार्वजनिक परिवहन तंत्रों के बीच समन्वय का अभाव, पार्किंग की समस्या, माल ढुलाई और सड़कों पर बढ़ता दबाव शामिल हैं। ये समस्याएं शहर की उत्पादकता, आर्थिक दक्षता और लोगों के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं।

समिति की अध्यक्षता गृह, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियंक खड़गे करेंगे, जबकि शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव उपाध्यक्ष होंगे।

समिति में गृह विभाग, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी, बेंगलुरु सिटी पुलिस, शहरी विकास विभाग, आधारभूत संरचना विकास विभाग, बीबीएमपी से जुड़ी एजेंसियों, डायरेक्टरेट ऑफ अर्बन लैंड ट्रांसपोर्ट, परिवहन विभाग, बीएमटीसी, बेंगलुरु मेट्रो, बीडब्ल्यूएसएसबी, लोक निर्माण विभाग, के-राइड, राज्य सड़क परिवहन निगमों, बेसकॉम, केपीटीसीएल और राष्ट्रीय राजमार्ग एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

निजी परिवहन प्लेटफॉर्म नम्मा यात्री, मूवइनसिंक, उबर, रैपिडो और ओला के प्रतिनिधियों के अलावा होटल, शैक्षणिक संस्थानों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी संघों, कर्मचारी परिवहन सेवाओं तथा पार्किंग तकनीक से जुड़ी कंपनियों को भी समिति में शामिल किया गया है।

इसके अलावा स्विगी, जोमैटो, अमेजन लॉजिस्टिक्स और फ्लिपकार्ट जैसी लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधि भी इस पहल का हिस्सा होंगे।

समिति में आउटर रिंग रोड, मन्यता टेक पार्क, व्हाइटफील्ड, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, आईटीपीएल/आईटीपीबी, बागमाने टेक पार्क और एम्बेसी टेकविलेज जैसे प्रमुख तकनीकी और रोजगार केंद्रों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

भारतीय विज्ञान संस्थान, आईआईआईटी-बेंगलुरु और आईआईएम बेंगलुरु जैसे शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और टिकाऊ परिवहन के क्षेत्र में काम करने वाले नागरिक संगठनों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।

प्रियंक खड़गे ने कहा कि समितिडेटा-आधारितत ट्रैफिक प्रबंधन, सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सार्वजनिक और निजी परिवहन के एकीकरण, पहले और अंतिम पड़ाव तक बेहतर कनेक्टिविटी तथा पैदल यात्रियों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देगी।

समिति के तहत सात टास्क फोर्स भी बनाई गई हैं। ये ट्रैफिक प्रबंधन और सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन समन्वय, पहले और अंतिम पड़ाव तक कनेक्टिविटी, कॉर्पोरेट और टेक्नोलॉजी क्लस्टर मोबिलिटी, डिजिटल मोबिलिटी और डेटा, शहरी माल ढुलाई एवं डिलीवरी तथा आधारभूत संरचना और सड़क कार्यों के समन्वय पर ध्यान देंगी।

समिति बेंगलुरु मोबिलिटी एक्शन प्लान तैयार करने, अधिक ट्रैफिक वाले प्रमुख मार्गों और चौराहों की पहचान करने, डेटा साझा करने की व्यवस्था विकसित करने, बेंगलुरु मोबिलिटी डैशबोर्ड तैयार करने तथा मेट्रो, बस और उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के आसपास कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगी।

यह पहल पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास तथा विभिन्न उपायों की प्रगति की निगरानी पर भी ध्यान देगी।

समिति की बैठक प्रत्येक तीन महीने में गृह मंत्री की अध्यक्षता में होगी। टास्क फोर्स भी हर तिमाही बैठक करेगा। उनकी प्रगति रिपोर्ट हर तीन महीने में प्रस्तुत की जाएगी और एक वार्षिक रिपोर्ट कर्नाटक सरकार को सौंपी जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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