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शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप परियोजना पर कुमारस्वामी की चुनौती स्वीकार की

बेंगलुरु, 20 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा पर विवादास्पद बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मूल रूप से उनके कार्यकाल के दौरान शुरू हुई थी।
शिवकुमार ने बिदादी टाउनशिप परियोजना पर कुमारस्वामी की चुनौती स्वीकार की

बेंगलुरु, 20 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा पर विवादास्पद बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मूल रूप से उनके कार्यकाल के दौरान शुरू हुई थी।

बेंगलुरु के कुमार पार्क स्थित अपने आधिकारिक आवास पर किसानों के साथ चर्चा के बाद बोलते हुए शिवकुमार ने कहा कि वह बिदादी टाउनशिप मुद्दे पर कुमारस्वामी की चुनौती स्वीकार करने के लिए तैयार हैं और उनसे सार्वजनिक बहस के लिए स्थान और समय तय करने को कहा।

शिवकुमार ने कहा कि कुमारस्वामी ने कथित तौर पर बिदादी टाउनशिप मुद्दे पर चुनौती दी है। मैं इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। मुझे केवल तीन दिन का समय चाहिए। उन्हें तारीख, स्थान और समय तय करने दें।

उपमुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि टाउनशिप परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की राशि जून के पहले सप्ताह से जारी की जानी शुरू हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने चरणबद्ध तरीके से ग्रामवार अंतिम अधिसूचना जारी करने का निर्णय लिया है और बताया कि क्षेत्र के लगभग 80 प्रतिशत किसान परियोजना के लिए सहमत हो गए हैं और मुआवजे के शीघ्र वितरण की मांग कर रहे हैं।

शिवकुमार ने कहा कि परियोजना की शुरुआत उन्होंने नहीं बल्कि कुमारस्वामी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान की गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भूमि अधिग्रहण की अधिसूचनाएं पहले ही जारी की जा चुकी थीं और प्रभावित किसानों को 8,000 वर्ग फुट विकसित भूमि आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया था।

उन्होंने कहा कि परियोजना पहले डीएलएफ कंपनी को सौंपी गई थी, लेकिन कंपनी ने बाद में इसे अव्यवहार्य बताते हुए वापस ले लिया।

उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों जगदीश शेट्टार और बसवराज बोम्मई के कार्यकाल के दौरान कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड ने इसी क्षेत्र में लगभग 1,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था, लेकिन उस समय कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी।

शिवकुमार ने जनता दल (सेकुलर) के नेतृत्व पर परियोजना के शुरुआती चरणों में अपनी भागीदारी के बावजूद इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

--आईएएनएस

एमएस/

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