कर्नाटक कांग्रेस का फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
बेंगलुरु, 26 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग कर रहा है और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने किया। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली, एआईसीसी सचिव गोपीनाथ पलानियप्पन समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि यह आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में अभियान चला रहे हैं और पार्टी चुनाव आयोग के अधिकारों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगी।
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि 2024 के बाद कई राज्यों में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाता सूची से बाहर किए गए, जबकि हरियाणा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और लाखों प्रविष्टियों को फर्जी या अन्य श्रेणियों में डाल दिया गया है। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हरिप्रसाद ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और प्रत्येक नागरिक को हर पांच साल में मतदान कर सरकार चुनने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने युवाओं, विशेषकर जेन-जी मतदाताओं से अपने मतदान अधिकारों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
केपीसीसी अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाए जाने से संस्थागत संतुलन कमजोर हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से सोमवार से जिला मुख्यालयों पर अभियान तेज करने का आह्वान किया।
वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी निर्णय निर्धारित वैधानिक ढांचे के अनुसार लिए जाते हैं। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जबकि सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी चुनाव आयुक्त हैं।
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