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कर्नाटक कांग्रेस में हलचल के बीच शिवकुमार ने दिल्ली जुटान से बनाई दूरी

बेंगलुरु, 27 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को पार्टी विधायकों से अपील की कि वे उनके नाम पर दिल्ली न जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य इकाई में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन का सवाल ही नहीं उठता।
कर्नाटक कांग्रेस में हलचल के बीच शिवकुमार ने दिल्ली जुटान से बनाई दूरी

बेंगलुरु, 27 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को पार्टी विधायकों से अपील की कि वे उनके नाम पर दिल्ली न जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य इकाई में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन का सवाल ही नहीं उठता।

उनकी यह टिप्पणी उस समय आई है जब उनके कुछ समर्थक पार्टी आलाकमान से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं और कथित तौर पर उन्हें राज्य के शीर्ष पद का अवसर देने की पैरवी कर रहे हैं।

निजी होटल और पैलेस ग्राउंड स्थित गायत्री विहार परिसर में मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, “मैं अनुरोध करता हूं कि मेरे लिए कोई भी दिल्ली न जाए। यदि किसी की अपनी कोई समस्या है, मंत्री बनने की इच्छा है या कोई पद- जिम्मेदारी चाहते हैं, तो वे जाकर अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन मेरे लिए कोई न जाए।”

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण के जन्मदिन समारोह के बहाने 40 से अधिक विधायकों के जुटने की खबरें क्या शक्ति प्रदर्शन का संकेत हैं, तो उन्होंने कहा, “कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं है। कुछ लोग आराम या अध्ययन के लिए विदेश जाते हैं, कुछ दिल्ली जाते हैं और कुछ रात्रिभोज बैठकों में शामिल होते हैं। यह उनका व्यक्तिगत मामला है, इसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।”

कुछ विधायकों द्वारा उनके मुख्यमंत्री बनने की वकालत किए जाने संबंधी सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी टिप्पणी की जानकारी नहीं है। किसी ने मुझसे इस बारे में बात नहीं की। कुछ लोगों की आकांक्षाएं होती हैं। नए लोग स्वाभाविक रूप से मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके जैसे नेता, गृह मंत्री जी. परमेश्वर, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल, समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया अब वरिष्ठ हो चुके हैं। हम कम उम्र में मंत्री बने थे, अब नए लोग मंत्री बनने की इच्छा जता रहे हैं। देखेंगे। मैं इस विषय को दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में लाऊंगा।

कैबिनेट द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती के फैसले के संबंध में शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने नए आरक्षण प्रावधान लागू किए हैं, लेकिन 2022 के न्यायालय आदेश के अनुपालन में पहले चरण में पुराने आरक्षण सिस्टम के तहत 56,000 पद भरे जाएंगे।

उन्होंने कहा, “हमने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और उसे पूरा करेंगे। एक लाख से अधिक पद भरे जाने हैं। यदि सभी भर्तियां एक साथ की गईं तो कुछ लोग अवसर से वंचित रह सकते हैं, इसलिए प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी। कुल 2.84 लाख रिक्त पद चरणों में भरे जाएंगे।”

गर्मी के दौरान पेयजल संकट की आशंका पर उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने कावेरी चरण-6 पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। बेंगलुरु के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए 7,000 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना लागू की जा रही है। जापान की जाईका एजेंसी से सहायता मांगी जा रही है। मंत्री बनने के बाद मैंने बेंगलुरु को 6 टीएमसी कावेरी जल उपलब्ध कराने की स्वीकृति दिलाई।

इस बीच कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों द्वारा आयोजित रात्रिभोज बैठक पर कहा कि ऐसी बैठकें असामान्य नहीं हैं। पहले भी डिनर मीटिंग होती रही हैं। यदि 20 लोग एक साथ आकर स्पष्टता की मांग करते हैं, तो वह उनकी राय है। लोकतंत्र में राय महत्वपूर्ण होती है। विधायक बालकृष्ण ने भी कहा है कि वे आलाकमान के निर्णय का पालन करेंगे। बता दें कि अजय सिंह पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन. धरम सिंह के पुत्र हैं।

--आईएएनएस

डीएससी

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