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अगर 3 दिन में पानी नहीं छोड़ा गया तो भाजपा केआरएस का घेराव करेगी: कर्नाटक में विपक्ष के नेता

अगर 3 दिन में पानी नहीं छोड़ा गया तो भाजपा केआरएस का घेराव करेगी: कर्नाटक में विपक्ष के नेता
अगर 3 दिन में पानी नहीं छोड़ा गया तो भाजपा केआरएस का घेराव करेगी: कर्नाटक में विपक्ष के नेता

मांड्या, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर कर्नाटक सरकार अगले तीन दिनों के भीतर कावेरी बेसिन में खड़ी फसलों के लिए पानी नहीं छोड़ती है, तो भाजपा कृष्ण राज सागर (केआरएस) जलाशय का घेराव करेगी।

अशोक ने मांड्या जिले के मालवल्ली और आस-पास के गांवों में सूखे से प्रभावित गन्ने के खेतों का दौरा किया, किसानों से बात की और सिंचाई के पानी की कमी से फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि वह कैबिनेट विस्तार में व्यस्त है और किसानों की मुश्किलों को नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने राज्य सरकार से कावेरी जल-बंटवारे के मुद्दे पर तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने और प्रभावित इलाकों में सूखा घोषित करने की अपील की।

अशोक के अनुसार, कर्नाटक को अपने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए, खासकर तब जब पड़ोसी राज्य तमिलनाडु कानूनी तरीकों से अपने दावों पर जोर दे रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक मामलों पर ध्यान देने के बजाय पहले सूखे की स्थिति और कावेरी मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर तीन दिनों के भीतर केआरएस से पानी नहीं छोड़ा गया, तो भाजपा किसानों के लिए पानी सुनिश्चित करने के लिए जलाशय का घेराव करेगी।

अशोक ने तर्क दिया कि सरकार को खड़ी गन्ने की फसल को बचाने के लिए कम से कम एक बार पानी छोड़ना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्षों में, केआरएस में पानी का स्तर लगभग 86 फीट होने पर भी फसलों के लिए पानी छोड़ा गया था।

उन्होंने कहा कि भले ही नई खेती के लिए पानी न दिया जाए, लेकिन मौजूदा फसलों को बचाना जरूरी है। साथ ही, जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूखा घोषित करना जरूरी है ताकि चारे और पीने के पानी के लिए सब्सिडी जैसे राहत उपाय किए जा सकें।

भाजपा नेता ने राज्य के नेतृत्व की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि मंत्री और सत्ताधारी पार्टी के विधायक किसानों की समस्याओं को हल करने के बजाय मंत्री पद पाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चर्चा सिर्फ कांग्रेस के सदस्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए और सरकार से अपील की कि कावेरी मुद्दे पर कोई भी फैसला लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों के विधायकों से सलाह-मशविरा करे।

--आईएएनएस

एससीएच

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