बल्लारी हिंसा मामला: भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक डीजीपी से की मुलाकात, सुरक्षा देने की मांग
बेंगलुरु, 2 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के बल्लारी जिले में हुई हिंसक घटना को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक एमए सलीम से मिला। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने किया।
उन्होंने बल्लारी में हाल ही में हुई हिंसा (जिसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता की गोली लगने से मौत हो गई) पर गंभीर चिंता जताई और भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी समेत अन्य नेताओं को तत्काल पुलिस सुरक्षा देने की मांग की।
डीजीपी से मुलाकात के बाद बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर अशोक ने कहा कि जनार्दन रेड्डी और बी श्रीरामुलु की जान को खतरा है और उन्हें तुरंत पर्याप्त सुरक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने बल्लारी की घटना की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की।
अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अवैध रूप से जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के घरों में घुसपैठ की और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि बल्लारी के कांग्रेस विधायक नारा भारत रेड्डी ही उन घटनाओं की कड़ी के लिए जिम्मेदार हैं, जिनके कारण कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत हुई। विधायक रेड्डी की तत्काल गिरफ्तारी हो।
आर अशोक ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी को 'खत्म करने' का फैसला कर लिया है। कांग्रेस समर्थकों द्वारा कथित रूप से भाजपा नेताओं, जनार्दन रेड्डी और बी श्रीरामुलुस को निशाना बनाकर की गई फायरिंग ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
उन्होंने याद दिलाया कि नए साल के मौके पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भरोसा दिलाया था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी और कोई अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी। इसके बावजूद शुक्रवार को बल्लारी में फायरिंग की घटना हुई, जो राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने को दिखाती है।
अशोक ने कहा कि एक तरफ पुलिसकर्मी चोरी जैसे मामलों में पकड़े जा रहे हैं और दूसरी ओर कर्नाटक में 'खून-खराबे वाली राजनीति' प्रवेश कर गई है। कर्नाटक में कभी भी राजनीतिक फायरिंग की परंपरा नहीं रही, लेकिन मौजूदा कांग्रेस सरकार ने इसे एक नया चलन बना दिया है।
घटनाक्रम बताते हुए उन्होंने कहा कि जनार्दन रेड्डी के परिसर के अंदर एक फ्लेक्स बैनर लगाया गया था। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने उसे हटाया। इसके बाद विधायक भारत रेड्डी के समर्थक कथित रूप से मौके पर पहुंचे, सड़क पर धरना दिया, गेट तोड़कर अंदर घुसे, और दोबारा बैनर लगा दिया। अशोक ने सवाल उठाया कि पूरे घटनाक्रम में जनार्दन रेड्डी की गलती क्या थी।
गौरतलब है कि गुरुवार रात बल्लारी में बैनर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गया। यह झड़प जनार्दन रेड्डी से जुड़े एक समूह और कांग्रेस विधायक नारा भारत रेड्डी से जुड़े समूह के बीच हुई। हालात तब और बिगड़ गए जब जनार्दन रेड्डी ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है, जिसमें विधायक भारत रेड्डी का परिवार शामिल है।
घटना के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। फिलहाल बल्लारी शहर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है।
--आईएएनएस
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