कर्नाटक: स्कूल की छत गिरने पर राहुल गांधी पर बरसे आर. अशोक, बोले- रैलियां छोड़िए, प्रभावित छात्रों की आवाज सुनिए
बेंगलुरु, 3 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने गुरुवार को कर्नाटक के बागलकोट में एक स्कूल की छत गिरने की घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा और उन्हें प्रभावित स्कूल में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करने और छात्रों की बात सुनने की चुनौती दी।
आर. अशोक ने इस संबंध में एक वीडियो भी साझा किया। सोशल मीडिया पर एक बयान में उन्होंने कहा कि जब स्कूल की छत गिरी तब बच्चे कक्षाओं में थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार के शासन और कल्याणकारी गारंटियों के दावों पर सवाल उठाया।
आर. अशोक ने कहा कि यह घटना महज एक आंकड़ा नहीं है क्योंकि ये बच्चे हैं और सवाल उठाया कि 'न्याय' की बात करने वाली सरकार छात्रों के लिए सुरक्षित कक्षाएं सुनिश्चित करने में कैसे विफल हो सकती है।
अशोक ने कहा, "जो पार्टी भारत को न्याय का उपदेश देती है, वह सुरक्षित कक्षा की गारंटी नहीं दे सकती। जो सरकार गारंटी के वादे करती है। वह बच्चे के सिर पर छत की गारंटी भी नहीं दे सकती।"
उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे राजनीतिक भाषण और रैलियां करने के बजाय कर्नाटक का दौरा करें, प्रभावित स्कूल में जाएं, छात्रों से मिलें और उनकी चिंताओं को सुनें।
आर.अशोक ने कहा, "मंच को भूल जाओ। नारों को भूल जाओ। पहले से तैयार भाषणों को भूल जाओ। कर्नाटक आओ। इस स्कूल में खड़े हो जाओ। बच्चों को देखो। उनकी आवाज सुनो।
उन्होंने कांग्रेस सांसद पर तंज कसते हुए कहा, "आपने हमें खटाखट दिया। कर्नाटक ने आपको जवाब दिया है खटाखट - छत गिर गई।"
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के शासनकाल में कर्नाटक में सरकारी स्कूलों की हालत खराब हो गई है। उन्होंने बागलकोट तालुक के मुगोलोली टांडा में कक्षा में पढ़ रहे बच्चों पर स्कूल की छत गिरने की घटना का उदाहरण दिया।
अशोक ने कहा कि यह घटना बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति सरकार की कथित उपेक्षा का सबूत है और उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से कांग्रेस सरकार की गारंटी के बारे में सवाल किया।
आर. अशोक ने कहा, कांग्रेस सरकार के शासनकाल में सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब हो गई है कि बागलकोट तालुक के मुगोलोली टांडा में कक्षा में पढ़ रहे बच्चों पर स्कूल की छत गिर गई। यह घटना ही स्थिति का प्रमाण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यभर में बच्चों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें जूते और मोजे की कमी, पाठ्यपुस्तकों की कमी, स्कूलों तक पहुंचने के लिए अपर्याप्त बस सेवाएं और बुनियादी ढांचे की कमी शामिल है।
--आईएएनएस
एसएके/वीसी

