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जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में अमरनाथ यात्रा से जुड़ी तैयारियों का किया निरीक्षण

श्रीनगर, 18 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को श्रीनगर जिले के पंथा चौक स्थित श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के यात्री निवास का दौरा कर निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।
जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में अमरनाथ यात्रा से जुड़ी तैयारियों का किया निरीक्षण

श्रीनगर, 18 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को श्रीनगर जिले के पंथा चौक स्थित श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के यात्री निवास का दौरा कर निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।

आधिकारिक बयान के अनुसार, उपराज्यपाल ने मौके पर पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्यों और तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर निर्देश दिया कि लंबित कार्यों को अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले जल्द पूरा किया जाए।

उन्होंने बाबा बर्फानी को समर्पित साउंड एंड लाइट शो की तैयारियों की भी समीक्षा की।

इस दौरान श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मंदीप के. भंडारी, बोर्ड सदस्य मुकेश गर्ग, केंद्रीय कश्मीर रेंज के डीआईजी राजीव पांडे, श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी. वी. संदीप चक्रवर्ती, श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाबरू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 57 दिनों बाद 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।

समुद्र तल से करीब 8,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग बनता है, जिसका आकार चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ बदलता रहता है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक मानते हैं।

श्रद्धालु अमरनाथ गुफा तक पारंपरिक लंबे पहलगाम मार्ग या छोटे बालटाल मार्ग से पहुंचते हैं। पहलगाम मार्ग से गुफा तक पहुंचने में करीब चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग से जाने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।

यात्रियों के लिए पहलगाम और बालटाल दोनों बेस कैंप से हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहती है।

स्थानीय लोग भी यात्रा को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वे यात्रियों के लिए घोड़े, पालकी और अन्य सहायता उपलब्ध कराते हैं।

हर साल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन सुरक्षा, ठहरने और स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम करता है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीएससी

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