जम्मू में 1.22 करोड़ की वित्तीय धोखाधड़ी मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
जम्मू, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू), जम्मू ने सोमवार को लाखों रुपए की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में चार्जशीट दाखिल की।
ईओडब्ल्यू के एक बयान में कहा गया है कि उसने तीन आरोपियों के खिलाफ सांबा की एडिशनल मुंसिफ जेएमआईसी कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। यह मामला लाखों रुपए की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है।
आरोपियों की पहचान राजेश कुमार राय (मैनेजिंग डायरेक्टर), मनोज कुमार (एरिया/ब्रांच मैनेजर) और विक्रम सिंह (असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर) के तौर पर हुई है। ये सभी मेट्रोपॉलिटन फाइनेंस लिमिटेड, मानसर फाइनेंस लिमिटेड और वैभव परिवार इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड से जुड़े थे।
इंस्पेक्टर तरनजीत सिंह की अगुवाई में हुई जांच से पता चला कि आरोपियों ने सांबा के निवासियों को अच्छी कमाई का वादा करने वाली स्कीमों में अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने के लिए उकसाया था। इन स्कीमों में कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (सीसीपीएस) और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल थे।
आरबीआई की जांच से पता चला कि कानूनी नियमों का पालन न करने के कारण मानसर फाइनेंस लिमिटेड और मेट्रोपॉलिटन फाइनेंस लिमिटेड के एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए गए थे। वहीं, वैभव परिवार इंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को कभी एनबीएफसी के तौर पर रजिस्टर ही नहीं किया गया था।
जांच में निवेशकों से कुल 1,22,96,324 रुपए इकट्ठा करने की बात सामने आई, जिसमें मानसर फाइनेंस लिमिटेड के लिए 8,87,442 रुपए और मेट्रोपॉलिटन फाइनेंस लिमिटेड के लिए 1,14,08,882 रुपए शामिल थे। आरोप है कि आरोपियों ने ऐसे चेक जारी किए जो बाउंस हो गए और वे मैच्योरिटी पर पेमेंट करने में भी नाकाम रहे।
जांच के दौरान सीसीपीएस सर्टिफिकेट, डिबेंचर, मनी रिसीट और बैंक रिकॉर्ड जैसे कई अहम दस्तावेजी सबूत जब्त किए गए। इसके तहत, आरोपी मनोज कुमार और विक्रम सिंह के खिलाफ जब्त किए गए दस्तावेजों और गवाहों की सूची के साथ अतिरिक्त मुंसिफ जेएमआईसी, सांबा की अदालत में चार्जशीट पेश की गई है।
क्राइम ब्रांच ने अदालत से राजेश कुमार राय के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 512 के तहत कार्रवाई शुरू करने का भी अनुरोध किया है, जो फरार है और लगातार जांच से बच रहा है।
जम्मू के एसएसपी क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू फैसल कुरैशी ने आम जनता को सलाह दी है कि वे इस तरह की आर्थिक धोखाधड़ी से सावधान रहें और ऐसी किसी भी घटना की सूचना क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू, जम्मू को दें।
--आईएएनएस
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