Samachar Nama
×

जम्मू-कश्मीर: मादक पदार्थों के मामले में वांछित आरोपी 8 साल बाद गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर: मादक पदार्थों के मामले में वांछित आरोपी 8 साल बाद गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर: मादक पदार्थों के मामले में वांछित आरोपी 8 साल बाद गिरफ्तार

जम्मू, 22 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को कहा कि उसने एक लंबे समय से फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो एक पुराने मादक पदार्थों के मामले में वांछित था।

मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि न्यायिक कार्यवाही से बचने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में, क्राइम ब्रांच (ईओडब्ल्यू) जम्मू ने एक लंबे समय से फरार अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो एक पुराने मादक पदार्थ मामले के संबंध में वांछित था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान शोपियां जिले के रत्नीपोरा निवासी अब्दुल कदीर नाइक के पुत्र अमजद अली नाइक के रूप में हुई है। मामले के विवरण के अनुसार, नाइक एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8 और 20 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 44/2004 के संबंध में वांछित था।

क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू जम्मू ने कहा, "इस मामले में चार्जशीट पहले ही द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, जम्मू की अदालत में पेश की जा चुकी है।"

मामले की जांच करते हुए, क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू जम्मू की टीम ने आरोपी का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तारी के बाद, उसे कानून के अनुसार आगे की कार्यवाही के लिए द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू की अदालत में पेश किया गया। यह गिरफ्तारी उस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है जो आरोपी की लंबे समय तक अनुपस्थिति के कारण लंबित था।

बयान में आगे कहा गया है कि यह कार्रवाई उन लोगों का पता लगाने और उन्हें सक्षम अदालतों के समक्ष पेश करने के लिए अपराध शाखा के प्रयासों को भी रेखांकित करती है जो कानूनी प्रक्रिया से बच रहे हैं।

एसएसपी क्राइम ब्रांच ईओडब्ल्यू जम्मू, फैसल कुरैशी ने लंबे समय से फरार आरोपियों को आत्मसमर्पण करने और कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने की चेतावनी जारी की है।

ईओडब्ल्यू जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की एक विशेष शाखा है जो हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराधों की जांच में विशेषज्ञता रखती है। कानून और व्यवस्था बनाए रखने में लगी प्रादेशिक पुलिस ऐसे हाई-प्रोफाइल अपराधों की जांच नहीं करती है, क्योंकि ऐसे अपराधों के लिए तकनीकी सहायता से लैस समर्पित पूर्णकालिक जांचकर्ताओं की टीमों की आवश्यकता होती है।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी

Share this story

Tags