जम्मू सिविल सचिवालय में 1.89 करोड़ की विकास परियोजनाओं का सीएम उमर अब्दुल्ला ने किया उद्घाटन
जम्मू, 2 नवंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को जम्मू स्थित सिविल सचिवालय में 1.89 करोड़ रुपये (189 लाख रुपये) की लागत से विकसित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
इन विकास कार्यों का उद्देश्य पारंपरिक दरबार मूव के तहत सरकारी कार्यालयों के जम्मू स्थानांतरित होने के बाद कार्यालयी ढांचे को मजबूत करना और कर्मचारियों तथा आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने 1.58 करोड़ रुपये की लागत से कैपेक्स बजट के तहत बनाए गए नए प्री-फैब्रिकेटेड कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने सिविल सचिवालय के प्रवेश द्वार पर स्थित रिसेप्शन हॉल के नवीनीकरण कार्य का भी उद्घाटन किया, जिस पर 31.10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
इन सुविधाओं के उद्घाटन के साथ जम्मू में कार्यालयों के दोबारा खुलने के बाद सिविल सचिवालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कार्य वातावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ा है।
इस दौरान संबंधित इंजीनियरों ने मुख्यमंत्री को परियोजनाओं की जानकारी दी और विकसित की गई सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। मुख्यमंत्री ने नए कार्यालय भवन और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया तथा कर्मचारियों और आम लोगों की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लिया।
नई सुविधाओं का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना और सिविल सचिवालय आने वाले आगंतुकों के लिए अधिक सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, कार्यवाहक मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, आयुक्त सचिव एस्टेट्स एम. राजू, सचिव राजस्व अवनी लवासा, महानिदेशक एस्टेट्स जम्मू मुश्ताक अहमद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में 30 अक्टूबर को कार्यालय बंद होने के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ नौकरशाहों सहित जम्मू-कश्मीर सरकार के सभी शीर्ष कार्यालय सोमवार से शीतकालीन राजधानी जम्मू में कार्यरत हो गए हैं।
जम्मू स्थित सिविल सचिवालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। श्रीनगर और जम्मू के बीच हर छह महीने में सरकारी कार्यालयों के स्थानांतरण की 'दरबार मूव' परंपरा 160 वर्ष से अधिक पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था है, जिसकी शुरुआत तत्कालीन डोगरा शासकों ने की थी।
--आईएएनएस
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