जम्मू-कश्मीर में 5.57 करोड़ का अनाज घोटाला, एसीबी ने 14 लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला
श्रीनगर, 6 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को 5.57 करोड़ रुपए के अनाज घोटाला के सिलसिले में 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इसी को लेकर एसीबी ने एक बयान में कहा कि उसने कुपवाड़ा जिले के करनाह इलाके में सरकारी अनाज के गबन और हेराफेरी में शामिल होने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले (एफसीएस एवं सीए) विभाग के पांच अधिकारियों और नौ उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एसीबी के बताया कि सक्षम अधिकारी से पूर्व मंजूरी लेने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 13(1)(ए) और धारा 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और 316(5) के तहत एसीबी बारामूला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई।
एसीबी के बताया कि यह मामला कश्मीर के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया है। विभागीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन में सरकारी अनाज की भारी कमी पाए जाने के बाद अधिकारियों और एफपीएस डीलरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई थी।
बयान में कहा गया है कि सरकारी बिक्री केंद्रों और उचित मूल्य की दुकानों पर संयुक्त औचक निरीक्षण के दौरान शुरू में 4,175.89 क्विंटल अनाज की कमी पाई गई। एसीबी के अनुसार, इस हेराफेरी से सरकारी खजाने को 5,57,18,657.25 रुपए का नुकसान हुआ। यह नुकसान सरकारी कर्मचारियों और निजी लाभार्थियों की आपराधिक मिलीभगत से हुआ, जिन्होंने गैर-कानूनी आर्थिक लाभ के लिए उन्हें सौंपे गए सरकारी अनाज का बेईमानी से गबन किया।
एसीबी ने बताया कि पांच एफसीएस एवं सीए अधिकारियों और नौ एफपीएस डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। नामजद लोगों में तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर उमर बशीर उर्फ राजा उमर और तत्कालीन असिस्टेंट स्टोरकीपर आशिक हुसैन मीर शामिल हैं। इसके साथ ही 12 अन्य आरोपी भी हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारी और उचित मूल्य की दुकानों के डीलर शामिल हैं।
इसी को लेकर मामला दर्ज होने के तुरंत बाद कई जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया गया और कानून के अनुसार अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शुरू की गईं।
--आईएएनएस
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