क्यूएस एमबीए रैंकिंग 2027 में जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल की ऐतिहासिक एंट्री, दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में शामिल
सोनीपत, 17 सितंबर (आईएएनएस)। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) के जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल (जेजीबीएस) ने प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। स्कूल का एमबीए प्रोग्राम पहली बार क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग 2027 में शामिल हुआ है और अपनी पहली ही एंट्री में 171-180 वैश्विक बैंड हासिल करते हुए दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में जगह बनाई है।
इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही जेजीबीएस भारत में अपने एमबीए प्रोग्राम के लिए नंबर-1 निजी विश्वविद्यालय बिजनेस स्कूल बनकर उभरा है। यह उपलब्धि भारत की वैश्विक प्रबंधन शिक्षा में बढ़ती मौजूदगी के व्यापक परिदृश्य में और भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग 2027 में भारत के 19 एमबीए संस्थानों को शामिल किया गया है, जिनमें इस वर्ष पांच संस्थानों ने पहली बार प्रवेश किया है। इस नए समूह में सबसे प्रमुख नाम ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी का है, जिसने पहली बार रैंकिंग में शामिल होकर सीधे 171–180 वैश्विक बैंड में स्थान बनाया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि जेजीबीएस अपनी संस्थागत यात्रा के केवल 16वें वर्ष में है। इतने कम समय में दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में जगह बनाना प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल की राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतिष्ठा का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। खास बात यह भी है कि पहली ही बार रैंकिंग में शामिल होने पर जेजीबीएस ने भारत के कई लंबे समय से स्थापित प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों, जैसे आईआईएम कोझिकोड, आईआईएम इंदौर, आईआईएम लखनऊ और आईआईएम उदयपुर, से बेहतर स्थान हासिल किया है।
जेजीयू ने एशिया में भी शानदार प्रदर्शन किया है। विश्वविद्यालय को 81 एमबीए प्रोग्रामों के बीच एशिया में 23वां स्थान मिला है, जबकि एम्प्लॉयबिलिटी (रोजगार क्षमता) के मामले में उसे एशिया में 16वीं रैंक प्राप्त हुई है।
क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग पांच प्रमुख मानकों पर एमबीए प्रोग्रामों का मूल्यांकन करती है। इनमें एम्प्लॉयबिलिटी, थॉट लीडरशिप, डाइवर्सिटी, वैल्यू फॉर मनी और एलुमनाई आउटकम्स शामिल हैं।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा, “क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग में पहली ही बार शामिल होकर जेजीबीएस का दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में पहुंचना जेजीयू के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। केवल 16 वर्षों की संस्थागत यात्रा वाले बिजनेस स्कूल के लिए यह असाधारण उपलब्धि है। मैं हमारे कुलाधिपति नवीन जिंदल का विशेष आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी दूरदृष्टि, निरंतर समर्थन और भारत में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने की प्रतिबद्धता ने हमें उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। यह सम्मान हमारे फैकल्टी सदस्यों, छात्रों, पूर्व छात्रों और सभी सहयोगियों का है, जिनके सामूहिक प्रयासों ने जेजीबीएस को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।”
ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में डीन (अकादमिक गवर्नेंस एवं स्टूडेंट लाइफ) प्रो. पद्मनाभ रामानुजम ने कहा, “यह रैंकिंग उन अकादमिक मानकों और संस्थागत व्यवस्थाओं की महत्वपूर्ण पुष्टि है, जिन्हें जेजीबीएस और जेजीयू ने वर्षों से लगातार विकसित किया है। सुदृढ़ अकादमिक गवर्नेंस, निरंतर बेंचमार्किंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर हमारा फोकस विश्वविद्यालय की गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को मजबूत करने में केंद्रीय भूमिका निभाता रहा है। यह सम्मान हमें इन मानकों को और ऊंचा उठाने के लिए प्रेरित करता है।”
वहीं, जिंदल ग्लोबल बिजनेस स्कूल के डीन प्रो. मयंक धौंडियाल ने कहा, “यह उपलब्धि पूरे जेजीबीएस समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। हमने ऐसा बिजनेस स्कूल बनाने का प्रयास किया है जो कठोर अकादमिक शिक्षा और शोध को उद्योग जगत से जुड़ाव, अनुभव आधारित शिक्षा और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सम्मान हमारे छात्रों को मिलने वाली शिक्षा और अवसरों के मूल्य को और मजबूत करता है तथा हमें आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।”
क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग 2027 में मिली यह पहचान जेजीबीएस की संस्थागत विकास यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। स्कूल ने लगातार अपने रिसर्च इकोसिस्टम, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्योग सहभागिता, छात्र अनुभव, वैश्विक शिक्षा और अकादमिक एक्सचेंज के अवसरों को मजबूत किया है।
इस यात्रा का एक अहम पड़ाव एएसीएसबी मान्यता प्राप्त करना भी रहा है, जो बिजनेस शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त गुणवत्ता मानकों के प्रति जेजीबीएस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बढ़ते शोध प्रभाव, वैश्विक साझेदारियों और स्नातकों के बेहतर परिणामों के साथ जेजीबीएस ने भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रबंधन एवं बिजनेस शिक्षा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
यह उपलब्धि जेजीबीएस और जेजीयू के फैकल्टी सदस्यों, छात्रों, पूर्व छात्रों, अकादमिक नेतृत्व और पेशेवर टीमों के सामूहिक योगदान को भी दर्शाती है। फैकल्टी के शोध और अकादमिक उपलब्धियां, छात्रों का नेतृत्व और प्रदर्शन, पूर्व छात्रों का बढ़ता प्रभाव तथा नियोक्ताओं द्वारा जेजीबीएस के स्नातकों पर जताया गया भरोसा- इन सभी ने स्कूल की राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
दुनिया के टॉप-200 बिजनेस स्कूलों में अपनी पहली ऐतिहासिक एंट्री के साथ जेजीबीएस ने वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रबंधन शिक्षा की दिशा में अपनी यात्रा का नया अध्याय शुरू किया है। स्कूल का उद्देश्य तेजी से बदलती और आपस में अधिक जुड़ती दुनिया के लिए भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना है।
जेजीयू का वैश्विक और राष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता, वैश्विक सहभागिता, शोध और परिवर्तनकारी शिक्षा के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करता है।
--आईएएनएस
डीएससी

