आंध्र प्रदेश: जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल से की मुलाकात, चुनावों में केंद्रीय बल और सीसीटीवी निगरानी की मांग
विजयवाड़ा, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को लोक भवन में राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से मुलाकात की और उनसे राज्य में लोकतंत्र को बचाने का आग्रह किया।
वाईएस जगन ने राज्यपाल को गठबंधन सरकार के अलोकतांत्रिक तौर-तरीकों के बारे में बताया, जिसमें शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकना भी शामिल है।
उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की, ताकि पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती और सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित की जा सके।
वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसा अलोकतांत्रिक व्यवहार पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपनी लड़ाई जारी रखने की अपील की और कहा कि आने वाले दिनों में हालात बदलेंगे।
उन्होंने गवर्नर को बताया कि किस तरह वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा था, जबकि टीडीपी समर्थकों को नामांकन केंद्रों के अंदर जाने दिया गया, जहां उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों पर हमले किए। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस किस तरह सत्ताधारी गठबंधन का पक्ष ले रही थी।
वाईएस जगन ने बताया कि राज्य में आठ जगहों पर एक भी नामांकन दाखिल नहीं हो सका। 19 जगहों पर केवल 36 प्रतिशत नामांकन पत्र ही दाखिल हो पाए, जबकि आठ अन्य जगहों पर वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़ दिए गए।
उन्होंने कहा कि पुलिवेंदुला में 36 वार्डों में से केवल 19 नामांकन दाखिल हुए, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
गवर्नर को यह भी बताया गया कि नामांकन केंद्रों पर वाईएसआरसीपी सांसद अविनाश रेड्डी, पी. मिथुन रेड्डी और गुरुमूर्ति के साथ कैसा बर्ताव किया गया। साथ ही, पुलिस द्वारा उम्मीदवारों पर गोली चलाने और उनके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए जाने की जानकारी भी दी गई।
वाईएस जगन ने कहा कि एक साजिश के तहत वाईएसआरसीपी के सक्रिय कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें पाबंद करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता और सभी संबंधित लोगों से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि चुनाव लड़ने के इच्छुक हर व्यक्ति को नामांकन पत्र दाखिल करने का मौका मिले।
उन्होंने कहा, "अराजकता की हरकतें दिखाती हैं कि चंद्रबाबू नायडू में आत्मविश्वास की कमी है, इसीलिए वे अलोकतांत्रिक तरीकों का सहारा ले रहे हैं। चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को ऐसा करने का मौका न देना लोकतंत्र पर एक कलंक है। लोकतंत्र को बचाने के लिए कानूनी विकल्पों सहित सभी रास्ते अपनाए जाएंगे।"
--आईएएनएस
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