जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू सरकार पर 'विपक्ष की आवाज दबाने' का आरोप लगाया
अमरावती, 14 जून (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को एन. चंद्रबाबू नायडू सरकार पर लोगों और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
उन्होंने राज्य में गठबंधन सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल को निशाना बना रही है।
रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार लोगों और विपक्ष की आवाज दबा रही है।
उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में हमारे आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल को हटाए जाने के बाद अब भारत में आधिकारिक वाईएसआरसीपी फेसबुक पेज को भी एक्सेस नहीं किया जा पा रहा है। यह सिर्फ वाईएसआरसीपी पर हमला नहीं है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। हम सिर्फ तथ्य सामने लाते हैं, सरकार की नाकामियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं, और ऐसे मुद्दों को सामने लाते हैं जिनका असर लोगों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के आधिकारिक हैंडल को बंद करना और इस तरह सच बोलने वाली विपक्षी आवाजों को दबाना एक खतरनाक मिसाल कायम करता है और यह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
जगन मोहन रेड्डी ने लिखा कि अमरावती राजधानी के विकास में फिजूलखर्ची, डीएससी प्रक्रिया में गड़बड़ी, टीटीडी घी टेंडर और जनहित के अन्य मामलों पर सरकार से सवाल पूछने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करने से लेकर - जिसमें हम बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के उचित सबूत सामने ला रहे हैं - ऑनलाइन आलोचनात्मक सामग्री पर रोक लगाने तक, एक चिंताजनक पैटर्न उभर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि हम इन अनुचित कार्यों को हर कानूनी और संवैधानिक रास्ते से चुनौती देंगे। कोई भी धमकी, सेंसरशिप या संस्थाओं का दुरुपयोग लोगों की आवाज़ को नहीं दबा सकता। हम सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेह ठहराने और बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने लोकतंत्र के हित में और संवैधानिक भावना को बनाए रखने के लिए आधिकारिक पेज को तुरंत बहाल करने की मांग की।
--आईएएनएस
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