'हस्तिनापुर के वीर' में जरासंध बने आभास मेहता, बोले-महाभारत का हिस्सा बनने का मौका नहीं छोड़ना चाहता था
मुंबई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। 'इस प्यार को क्या नाम दूं?', 'तू सूरज मैं सांझ पियाजी' और 'हम रहें ना रहें हम' जैसे शो में नजर आ चुके अभिनेता आभास मेहता अब नए शो से जुड़ गए हैं। वह पौराणिक शो 'हस्तिनापुर के वीर' में राजा जरासंध का किरदार निभाएंगे। इस किरदार को लेकर उन्होंने बताया कि इस भूमिका को स्वीकार करने की पहली वजह जरासंध का किरदार नहीं, बल्कि महाभारत की दुनिया का हिस्सा बनने का मौका था।
आभास मेहता ने कहा, ''अगर मैं यह कहूं कि मैं सिर्फ जरासंध के किरदार की वजह से शो से जुड़ा हूं, तो यह सही नहीं होगा। जब मुझे 'हस्तिनापुर के वीर' का ऑफर मिला, तब मुझे जरासंध की कहानी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन जब मुझे पता चला कि शो महाभारत की दुनिया से जुड़ा है, तो मेरी दिलचस्पी बढ़ गई। मैं इससे पहले महाभारत से जुड़ी किसी कहानी का हिस्सा नहीं रहा था। इसलिए मैं इस मौके को जाने नहीं देना चाहता था। मैं जल्द ही राजा जरासंध की भूमिका के जरिए दर्शकों के सामने आने वाला हूं।''
आभास मेहता पहले भी पौराणिक कहानियों का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके पौराणिक सफर की शुरुआत 'देवों के देव...महादेव' से हुई थी। इसके बाद उन्होंने 'सिंहासन बत्तीसी' में बेताल का किरदार निभाया। यह भूमिका उनके लिए इसलिए भी खास थी, क्योंकि बेताल की कहानियां उन्होंने बचपन से सुनी थीं।
इसके बाद आभास 'महाकाली – अंत ही आरंभ है' का हिस्सा बने। उन्होंने कहा, ''यह मेरे पौराणिक शो के सफर का सबसे अच्छा अनुभव रहा। इस शो में मैंने एक सुपर विलेन की भूमिका निभाई थी। मेरे लिए यह किरदार काफी मुश्किल था, क्योंकि इसमें मुझे सिर्फ अभिनय पर ही नहीं, बल्कि पूरे लुक और गेटअप पर भी काफी काम करना पड़ा था। इसके बाद मैंने 'लक्ष्मी नारायण–सुख सामर्थ्य संतुलन' में काम किया, जो भगवान विष्णु की कहानी पर आधारित था।''
पौराणिक शो को लेकर आभास का मानना है कि इन कहानियों के जरिए कलाकार ज्यादा खुलकर अभिनय करने का मौका मिलता हैं, क्योंकि इसमें किरदारों को बड़े और प्रभावशाली अंदाज में पेश किया जाता है लेकिन इस आजादी के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
आभास ने कहा, ''महाभारत की कहानियां लोगों के लिए सिर्फ टीवी शो नहीं हैं। लोग इन्हें किताबों में पढ़ चुके हैं, सुन चुके हैं और टीवी, फिल्मों और कार्टून में भी देख चुके हैं। इसलिए किसी भी पौराणिक किरदार को निभाते समय कलाकार को बहुत सावधान रहना पड़ता है। कहानी और किरदार के साथ ईमानदार रहना जरूरी है, ताकि दर्शकों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।''
राजा जरासंध की भूमिका के लिए आभास ने भी काफी तैयारी की है। उन्होंने बताया, ''मैंने जरासंध के बारे में काफी पढ़ा और उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश की। मैं इस किरदार में अपनी तरफ से कुछ नया लेकर आया हूं। यह दर्शकों के लिए सरप्राइज होगा।''
आभास ने कहा, ''मेरे करियर में दर्शकों ने मुझे कई बार पसंद किया है और कई बार मेरे किरदारों से नफरत भी की है। मैं चाहता हूं कि दर्शक जरासंध के किरदार को भी उसी तरह स्वीकार करें। मैं इस भूमिका के साथ पूरा न्याय करने के लिए मेहनत कर रहा हूं।''
'हस्तिनापुर के वीर' की शुरुआत 2 जून, 2026 से हुई है और इसका प्रसारण सोनी सब पर हो रहा है।
--आईएएनएस
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