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आईआरडीएआई ने कारों और दोपहिया वाहनों के लिए चार-स्तरीय मोटर इंश्योरेंस ढांचे को किया अनिवार्य

आईआरडीएआई ने कारों और दोपहिया वाहनों के लिए चार-स्तरीय मोटर इंश्योरेंस ढांचे को किया अनिवार्य
आईआरडीएआई ने कारों और दोपहिया वाहनों के लिए चार-स्तरीय मोटर इंश्योरेंस ढांचे को किया अनिवार्य

नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने निजी कारों और दोपहिया वाहनों के लिए मोटर बीमा पॉलिसियों में चार-स्तरीय संरचना को अनिवार्य है। इससे ग्राहकों को अपनी जरूरतों के हिसाब से खास कवर चुनने की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था 15 दिसंबर 2026 से लागू होगी।

बीमा नियामक ने कहा कि इस संशोधित ढांचे का उद्देश्य मोटर बीमा पॉलिसियों के अलग-अलग हिस्सों को स्पष्ट रूप से अलग करके ग्राहकों के लिए विकल्पों और पारदर्शिता को बेहतर बनाना है।

नए ढांचे के तहत, मोटर पॉलिसियों को चार हिस्सों में बांटा जाएगा, जिसमें थर्ड-पार्टी लायबिलिटी (तीसरे पक्ष की देनदारी), वाहन में सवार लोगों या पीछे बैठने वालों के लिए कानूनी देनदारी, पर्सनल एक्सीडेंट कवर (व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा), और बीमित वाहन के लिए 'ओन-डैमेज' (खुद के वाहन को होने वाले नुकसान) का कवर शामिल हैं।

इसके अलावा, थर्ड-पार्टी लायबिलिटी बीमा अनिवार्य बना रहेगा, जबकि अन्य कवर वैकल्पिक होंगे। हालांकि, वाहन मालिकों के लिए अनिवार्य पर्सनल एक्सीडेंट बीमा से जुड़े मौजूदा नियम लागू रहेंगे।

साथ ही, नियामक ने सभी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे निजी कारों और दोपहिया वाहनों के लिए एक जैसी (मानकीकृत) पॉलिसी भाषा का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, एक समान 'कस्टमर ऑप्शन फॉर्म' पेश करें, जिसके जरिए पॉलिसीधारक अपनी पसंद के कवर चुन सकें।

बीमा कंपनियों को पॉलिसी खरीदते समय एक ग्राहक सूचना पत्र भी देना होगा। इसमें हर हिस्से के तहत मिलने वाले कवरेज और उसके लिए लिए जाने वाले प्रीमियम की पूरी जानकारी होगी, जिससे ग्राहक अपनी पॉलिसी को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

नियामक ने यह भी कहा कि पॉलिसीधारक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से 'ऑप्शन फॉर्म' भरकर अपनी पसंद के कवर चुन सकेंगे।

मौजूदा ग्राहक भी पॉलिसी की अवधि के दौरान अतिरिक्त प्रीमियम देकर, वाहन में सवार लोगों या पीछे बैठने वालों के लिए 'लीगल लायबिलिटी कवर' जुड़वा सकते हैं।

हालांकि पॉलिसी का ढांचा और भाषा एक जैसी होगी, लेकिन बीमा कंपनियों के पास नए बीमा उत्पाद तैयार करने और बाजार की स्थितियों के आधार पर 'ओन-डैमेज' कवर की कीमत तय करने की छूट बनी रहेगी।

बीमा नियामक के अनुसार, यह सर्कुलर 'नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम थुंगाला धना लक्ष्मी और अन्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के पालन में जारी किया गया है।

इसके अलावा, नियामक ने बीमा कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे मोटर बीमा के इस नए चार-स्तरीय ढांचे को 'बीमा सुगम' प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ें, ताकि 15 दिसंबर 2026 से ये उत्पाद इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकें।

--आईएएनएस

एबीएस

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