Samachar Nama
×

ईरान के बताए रास्तों से ही निकलें जहाज, होर्मुज स्‍ट्रेट को लेकर आईआरजीसी की चेतावनी

ईरान के बताए रास्तों से ही निकलें जहाज, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर आईआरजीसी की चेतावनी
ईरान के बताए रास्तों से ही निकलें जहाज, होर्मुज स्‍ट्रेट को लेकर आईआरजीसी की चेतावनी

तेहरान, 25 जून (आईएएनएस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों के गुजरने के लिए सिर्फ वही रास्ते मान्य हैं, जो ईरानी अधिकारियों ने तय किए हैं।

आईआरजीसी की नौसेना ने यह बात अपनी आधिकारिक समाचार वेबसाइट सेपाह न्यूज पर जारी एक बयान में कही। साथ ही उसने चेतावनी दी कि तय किए गए रास्तों के अलावा किसी और रास्ते से जहाजों का आना-जाना खतरनाक है और इसकी अनुमति नहीं है।

बयान में कहा गया कि सभी को यह पता होना चाहिए कि होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने के लिए केवल वही रास्ते इस्तेमाल किए जा सकते हैं जिन्हें ईरान ने घोषित किया है। इन रास्तों से बाहर जहाज चलाना बहुत जोखिम भरा है, प्रतिबंधित है और इससे बचना चाहिए।

यह बयान तब आया, जब ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के साथ हुए समझौते के तहत होर्मुज स्‍ट्रेट से बाहर जाने वाले जहाजों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।

18 जून को ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए हुए एक समझौते के तहत ईरान ने 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के व्यापारिक जहाजों को इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने की व्यवस्था करने की बात कही थी।

मंगलवार को ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने होर्मुज स्‍ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के भविष्य के प्रबंधन को लेकर बातचीत के लिए एक संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

इस बीच, आईएमओ ने होर्मुज स्‍ट्रेट में फंसे 11,000 से ज्यादा नाविकों को निकालने के लिए एक योजना भी घोषित की है।

आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि संगठन ने जरूरी सुरक्षा मंजूरी हासिल कर ली है और निकासी अभियान के लिए समुद्री रास्तों की सुरक्षा की पुष्टि कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि यह अभियान ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद शुरू किया जा रहा है और इसे ईरान, ओमान, क्षेत्र के अन्य देशों और समुद्री उद्योग के साथ मिलकर चलाया जाएगा।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

Share this story

Tags