ईरान ने फ्रांस को आंतरिक मामलों में दखल न देने की दी चेतावनी
तेहरान, 16 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने फ्रांसीसी सरकार को ईरान के आंतरिक मामलों में "गैर-कानूनी दखल" के खिलाफ चेतावनी दी है।
मंत्रालय ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा कि जुलाई में तेहरान में दो फ्रांसीसी राजनयिकों ने विदेशी घुसपैठ और दखलअंदाजी से जुड़े एक बड़े मामले के संदिग्धों के साथ एक गुप्त बैठक में हिस्सा लिया था।
जांच के बाद, मंत्रालय ने कहा कि इन राजनयिकों का ईरान के घरेलू कानूनों और उनकी राजनयिक जिम्मेदारियों के उल्लंघन और ऐसे व्यवहार का लंबा रिकॉर्ड रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि वह ईरान में विदेशी राजनयिकों को 'गैर-कानूनी दखलअंदाजी" वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने देगा, साथ ही चेतावनी दी कि अगर ऐसा व्यवहार दोबारा हुआ, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।
20 जुलाई को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा था कि तेहरान में फ्रांस के दूतावास के दो अधिकारियों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। उन्होंने बताया कि दूतावास लौटने से पहले दोनों को बिना किसी वजह के कई घंटों तक हिरासत में रखा गया, उनसे पूछताछ की गई और उनमें से एक के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया।
बैरोट ने कहा कि वे अब सुरक्षित हैं और कुछ ही घंटों में फ्रांस लौटने वाले हैं। उन्होंने कहा, "यह हमला और भी चौंकाने वाला है क्योंकि ये दोनों अधिकारी सिविल सोसायटी, खासकर ईरानी कलाकारों और वैज्ञानिकों को सपोर्ट करने वाले हमारे प्रोग्राम्स की देखरेख करते हैं।"
एक बयान में उन्होंने इस घटना को "चौंकाने वाला" बताया और कहा कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची को चेतावनी दी थी कि इस "गंभीर और अस्वीकार्य" घटना के "नतीजे भुगतने होंगे"।
बाद में अरागची ने बैरोट के साथ फोन पर बातचीत में विरोध जताया और कहा कि दोनों फ्रांसीसी राजनयिकों की असामान्य हरकतें राजनयिक नियमों के खिलाफ थीं और अस्वीकार्य थीं।
--आईएएनएस
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