'ईरान युद्ध छह महीने और खिंच सकता है', पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री ने जताई आशंका
वॉशिंगटन, 6 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अगले छह महीने तक और चल सकता है तथा यह मध्य पूर्व का एक लंबा युद्ध बन सकता है।
पेनेटा ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच फिलहाल गतिरोध की स्थिति है। दोनों में से कोई भी पक्ष बातचीत, समर्पण या किसी बड़े टकराव का जोखिम उठाने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है।
उन्होंने द गार्जियन को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मुझे लगता है कि इस युद्ध के अगले छह महीने तक बिना किसी समाधान के जारी रहने की संभावना है।"
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में सीआईए निदेशक रह चुके पैनेटा ने कहा कि छह महीने से अधिक समय पहले शुरू हुए इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास सीमित विकल्प हैं।
उनके अनुसार पहला विकल्प यह है कि ट्रंप सैन्य अभियान रोक दें और स्वीकार कर लें कि यह सफल नहीं रहा। हालांकि, पेनेटा को इसकी संभावना बहुत कम लगती है।
दूसरा विकल्प मौजूदा स्थिति को जारी रखना है, जिसमें अमेरिका और ईरान समय-समय पर एक-दूसरे पर हमले करते रहें, लेकिन बड़े युद्ध से बचने की कोशिश करें। पेनेटा का मानना है कि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है और कोई स्पष्ट परिणाम नहीं निकलेगा।
पेनेटा के मुताबिक तीसरा विकल्प यह है कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित करे और ईरान की उस क्षमता को खत्म कर दे, जिससे वह इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर आवाजाही को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी प्रशासन स्पष्ट सैन्य सफलता का दावा करना चाहता है तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना उसका प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
पूर्व रक्षा मंत्री ने ट्रंप के उन बयानों की भी आलोचना की, जिनमें उन्होंने बार-बार कहा था कि समझौता निकट है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है। पेनेटा के अनुसार ऐसे बयानों से राष्ट्रपति की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि वह इस टकराव को युद्ध नहीं कहेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले समाप्त हो जाएगा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसका उत्तर नहीं पता और यह काफी हद तक ईरान पर निर्भर करेगा।
पेनेटा ने पेंटागन के भीतर नेतृत्व संबंधी बदलावों और कथित आंतरिक तनावों पर भी चिंता जताई। उनकी यह टिप्पणी सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल के इस्तीफे के बाद आई है। रिपोर्टों में कहा गया था कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ कर्मियों से जुड़े फैसलों को लेकर उनके मतभेद थे।
पेनेटा ने कहा कि नेतृत्व स्तर पर तनाव की स्थिति अमेरिकी सैनिकों के बीच अनिश्चितता पैदा कर सकती है और चीन, रूस, उत्तर कोरिया तथा ईरान जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों को अमेरिका की कमजोरी का संकेत दे सकती है।
हालांकि, पेंटागन ने पेनेटा के आकलन को खारिज करते हुए कहा कि रक्षा विभाग पीट हेगसेथ के नेतृत्व में पूरी क्षमता से काम कर रहा है। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने विभाग में अव्यवस्था की खबरों को निराधार बताया।
पेनेटा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या लंबी अवधि तक तैनात सैनिकों को पर्याप्त सहायता मिल रही है। उन्होंने यूएसएस अब्राहम लिंकन का उदाहरण दिया, जो ईरान के खिलाफ अभियानों में भाग लेने के दौरान 260 दिनों से अधिक समय तक किसी बंदरगाह पर रुके बिना थाईलैंड पहुंचा।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब शनिवार को अमेरिकी बलों ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार यह कार्रवाई ईरान द्वारा एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए जाने के बाद की गई।
--आईएएनएस
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