Samachar Nama
×

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को दी बिना समझौते जवाब की चेतावनी

वॉशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अमेरिका के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई। उन्होंने इन हमलों को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि तेहरान बिना किसी समझौते के इसका जवाब देगा। स्थानीय मीडिया एबीसी न्यूज से बात करते हुए अराघची ने वॉशिंगटन की सफाई को सिरे से खारिज कर दिया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को दी बिना समझौते जवाब की चेतावनी

वॉशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अमेरिका के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई। उन्होंने इन हमलों को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि‍ तेहरान बिना किसी समझौते के इसका जवाब देगा। स्‍थानीय मीड‍िया एबीसी न्यूज से बात करते हुए अराघची ने वॉशिंगटन की सफाई को सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका जो कर रहा है वह आक्रामकता का कृत्य है। हम जो कर रहे हैं वह आत्मरक्षा का कृत्य है।”

यह बयान ईरान की कूटनीतिक और कानूनी स्थिति को स्पष्ट करता है, जिसमें अमेरिका को आक्रांता बताया गया है और तेहरान की प्रतिक्रिया को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध ठहराया गया है। अराघची ने अपने बयान में तनाव कम करने का कोई संकेत नहीं दिया।

उन्होंने कहा, “हम अपनी रक्षा कर रहे हैं, चाहे जो भी करना पड़े।”

यह भाषा खुली और व्यापक प्रतिशोध की चेतावनी देती है। अराघची ने न तो कोई समय-सीमा बताई, न ही संभावित लक्ष्यों का जिक्र किया और न ही बातचीत के लिए तत्परता का संकेत दिया।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी अधिकारी ईरान की मिसाइल अवसंरचना को कमजोर करने के उद्देश्य से जारी अभियान का वर्णन कर रहे हैं। हालांकि, अराघची ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को हुए नुकसान को स्वीकार नहीं किया और न ही खामेनेई की मौत के बाद राजनीतिक व्यवस्था में अस्थिरता का कोई संकेत दिया।

इस बीच, अमेरिकी सांसदों ने संकेत दिया कि अभियान जारी रहेगा।

सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष टॉम कॉटन ने कहा कि आने वाले दिनों में ईरान की मिसाइलों, उसके मिसाइल लॉन्चरों और अंततः उसकी मिसाइल निर्माण क्षमता पर व्यवस्थित और क्रमबद्ध तरीके से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी दी, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि ईरान क्षेत्र में हमारे ठिकानों, हमारे अरब सहयोगियों और इजरायल को निशाना बनाना जारी रखेगा।”

अन्य अमेरिकी नेताओं ने हमले के खुफिया आधार पर सवाल उठाए। सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। सर्वोच्च नेता के मारे जाने के बाद आगे क्या होगा, इस बारे में हमें बहुत कम जानकारी है।”

सीनेटर एडम शिफ ने भी कार्रवाई के पैमाने की आलोचना करते हुए कहा, “इस व्यापक सैन्य अभियान के लिए, जिसका उद्देश्य शासन परिवर्तन था, कोई आधार नहीं था।”

अपने सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद ईरान अब संक्रमण के दौर में प्रवेश कर रहा है। उसके संविधान के अनुसार, नए नेता के चयन की जिम्मेदारी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स पर है। हालांकि, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का व्यवस्था के भीतर महत्वपूर्ण प्रभाव है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

Share this story

Tags