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अमेरिका मांगें माने तो दो दिन में होर्मुज स्‍ट्रेट फिर खोला जा सकता है : बाघेई

अमेरिका मांगें माने तो दो दिन में होर्मुज स्ट्रेट फिर खोला जा सकता है : बाघेई
अमेरिका मांगें माने तो दो दिन में होर्मुज स्‍ट्रेट फिर खोला जा सकता है : बाघेई

तेहरान, 2 नवंबर (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को कहा कि यदि अमेरिका ईरान की 'वैध' मांगों को स्वीकार कर लेता है, तो होर्मुज स्‍ट्रेट को दो दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है।

तेहरान में आयोजित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाघेई ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए होने वाली किसी भी अप्रत्यक्ष बातचीत का आधार वही सात-दिवसीय योजना है, जिसे ईरान ने सितंबर में प्रस्तावित किया था।

उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी सकारात्मक मंशा दिखाते हुए इस योजना के क्रियान्वयन की अवधि अब सात दिन से घटाकर दो दिन कर दी है।

बाघेई ने कहा, "हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि ईरान की मांगें पूरी की जाती हैं, तो होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षा बहाल करना और कम समय में बातचीत की प्रक्रिया शुरू करना संभव होगा।"

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा, यह पूरी तरह अमेरिका के फैसले पर निर्भर करता है।

ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने मांगों को 'स्पष्ट, उचित और तार्किक' तरीके से रखा है।

उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म नहीं करता और तेहरान की 'वैध' मांगों को नहीं मानता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा और न ही होर्मुज स्‍ट्रेट को दोबारा खोला या सुरक्षित बनाया जाएगा।

ईरान ने सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को अपनी सात-दिवसीय योजना और शर्तें सौंप दी थीं। इसके बाद दोनों देशों के बीच इस प्रस्ताव को लेकर संदेशों का आदान-प्रदान जारी रहने की खबरें सामने आती रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल तथा क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें चलाईं और होर्मुज स्‍ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत कर दी।

होर्मुज स्‍ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख तेल उत्पादक देशों से कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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