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इजरायल संसदीय चुनावों के नतीजों से ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ता: बाघेई

इजरायल संसदीय चुनावों के नतीजों से ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ता: बाघेई
इजरायल संसदीय चुनावों के नतीजों से ईरान को कोई फर्क नहीं पड़ता: बाघेई

तेहरान, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेहरान में सोमवार को आयोज‍ित साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि इजरायल के संसदीय चुनावों के नतीजों से ईरान के लिए कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

बाघेई ने पश्चिम एशिया में इजरायल की भूमिका की आलोचना की। उनका कहना था कि इजरायल ने इस क्षेत्र को 'हिंसा और नरसंहार' के अलावा कुछ नहीं दिया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल फिलिस्तीनियों के खिलाफ वह कार्रवाई जारी रखे हुए है जिसे ईरान 'नरसंहार' मानता है। बाघेई ने कहा कि ईरान के खिलाफ इजरायल की धमकियां उसकी शत्रुतापूर्ण नीतियों का हिस्सा हैं।

इजरायली अधिकारियों के उन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिनमें कहा गया था कि ईरान चुनावों को प्रभावित करने के लिए पहले हमला कर सकता है, बाघेई ने कहा कि इजरायल फॉल्स फ्लैग अभियानों को अंजाम देने में काफी माहिर है।

उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और देश की सेना अपनी सीमा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाएगी। बाघेई के मुताबिक, ईरान खुद को युद्ध की स्थिति में मानता है और आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करेगा।

आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट और वहां से गुजरने वाले समुद्री मार्गों का प्रबंधन अब पहले जैसा नहीं रहेगा।

तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए अराघची ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में 'बुनियादी और रणनीतिक' बदलाव आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि‍ हमें यह स्वीकार करना होगा कि नई वास्तविकताएं सामने आ चुकी हैं। होर्मुज स्‍ट्रेट के रास्ते पहले जैसे नहीं रहेंगे और इसका प्रबंधन भी पहले जैसा नहीं होगा। कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हमने बातचीत की है और यह बातचीत आगे भी जारी रहेगी।

अराघची ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी क्षेत्रीय देशों को खुद उठानी चाहिए और इसके लिए बाहरी ताकतों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, बाहरी शक्तियां अपने हितों की रक्षा और इजरायल को समर्थन देने के उद्देश्य से क्षेत्र में मौजूद है और उनकी लगातार मौजूदगी पूरे क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ाने का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र के सभी देशों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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