तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता के बीच खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को किया अलर्ट
चेन्नई, 7 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता के बीच राज्य की पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों ने पुलिस को अलर्ट किया है कि वे चुनाव परिणामों के बाद बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता और सरकार गठन में हो रही देरी के चलते राज्य के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करें।
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा राजनीतिक गतिरोध जारी रहता है, तो कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेष रूप से तब, जब 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) के नेता विजय सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल तुरंत जुटाने में असमर्थ रहे हैं।
हालांकि, तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर चेन्नई और अन्य संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
2026 के विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़ रही विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन किया है। टीवीके 234-सदस्यीय राज्य विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। हालांकि, टीवीके बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े को पार नहीं कर पाई। इस स्थिति में सरकार बनाने के लिए पार्टी को दूसरे दलों के विधायकों के समर्थन की जरूरत है।
राजनीतिक हलचल के बीच विजय ने बुधवार शाम चेन्नई स्थित राजभवन में तमिलनाडु के राज्यपाल आरवी अर्लेकर (राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर) से मुलाकात की और औपचारिक रूप से अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस मुलाकात के दौरान विजय ने कथित तौर पर 113 समर्थक विधायकों की एक सूची सौंपी, जिसमें टीवीके के 108 विधायक और कांग्रेस के पांच विधायक शामिल थे, जिन्होंने पार्टी को अपना समर्थन दिया था। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल अर्लेकर ने विजय को सूचित किया कि सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने से पहले उन्हें कम से कम 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
इस घटनाक्रम के कारण विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। सूत्रों ने बताया कि टीवीके के नेताओं को शुरू में पीएमके, वामपंथी दलों और वीसीके जैसी पार्टियों से समर्थन मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, इन पार्टियों ने कथित तौर पर गठबंधन संबंधी चर्चाओं से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। परिणामस्वरूप, टीवीके अभी भी बहुमत के आंकड़े से पीछे है।
ऐसे में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात ने बुधवार देर रात पूरे तमिलनाडु में नई अटकलों को जन्म दे दिया। ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि अगर विजय बहुमत जुटाने में असफल रहते हैं, तो एआईएडीएमके, डीएमके के बाहरी समर्थन से सरकार बनाने का प्रयास कर सकती है।
राजनीतिक सूत्रों ने बताया कि इस अनिश्चितता के माहौल में डीएमके और एआईएडीएमके दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने कई घंटों तक अलग-अलग दौर की बैठकें कीं। हालांकि, डीएमके ने देर रात जारी एक बयान में कहा कि पार्टी ने लोगों के जनादेश का सम्मान करते हुए विपक्ष में ही रहना पसंद किया है।
अभिनेता रजनीकांत की डीएमके अध्यक्ष और निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात ने भी राजनीतिक अटकलों को तेज कर दिया है, हालांकि दोनों ही पक्षों ने बातचीत के स्वरूप पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
--आईएएनएस
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