कॉपर, एल्युमिनियम में तेजी का दिखेगा असर; एसी, बाथ फिटिंग और किचन के सामान हो सकते हैं महंगे
नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। कॉपर, एल्युमिनियम और निकेल जैसी धातुओं में तेजी से एसी, बाथ फिटिंग और किचन में बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमतों में इजाफा हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमिनियम की कीमत 3,000 डॉलर प्रति टन से अधिक हो गई है, जो कि बीते तीन वर्षों में सबसे ऊंची कीमतें हैं। कॉपर का दाम ऑल-टाइम हाई 12,000 डॉलर प्रति टन के पार निकल गया है।
कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि इन धातुओं विशेषकर कॉपर की कीमतों के उम्मीद से अधिक बढ़ने के कारण कई मैन्युफैक्चरर्स की इनपुट लागत बढ़ गई है और वह और अधिक भार वहन करने में असमर्थ हैं, जिसके चलते एसी, किचन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, बाथ फिटिंग्स और कुकवेयर के दाम बढ़ सकते हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर हाल ही में कॉपर का दाम 1,300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। मार्जिन को बनाए रखने के लिए कई मैन्युफैक्चरर्स कीमतों में 5-8 प्रतिशत की वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं।
बाथवेयर बनाने वाली कंपनियां भी दबाव का सामना कर रही हैं, क्योंकि तांबे पर आधारित धातु पीतल की कीमतों में वित्त वर्ष की शुरुआत से दोहरे अंकों में बढ़ोतरी हुई है।
एल्युमिनियम की कीमतों में बढ़ोतरी चीन में स्मेल्टिंग क्षमता पर लगी रोक और लगातार अधिक बिजली लागत के कारण यूरोप में कम उत्पादन जैसी संरचनात्मक आपूर्ती की दिक्कतों को दिखाती है, जबकि कंस्ट्रक्शन, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से लंबी अवधि की मांग मजबूत बनी हुई है।
बार-बार आपूर्ति में रुकावटों के बीच कॉपर ने 2009 के बाद से सबसे बड़ी सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। इंडोनेशिया, चिली और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में माइनिंग दुर्घटनाओं और चिली की एक बड़ी खदान में मजदूरों की हड़ताल ने उपलब्धता को कम कर दिया है, जबकि ट्रेड की अनिश्चितताओं के कारण अमेरिका को शिपमेंट में तेजी आई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया के सबसे बड़े प्रोड्यूसर इंडोनेशिया द्वारा प्रोडक्शन में कटौती की योजनाओं का संकेत देने और पीटी वेल इंडोनेशिया की एक खदान में अस्थायी रोक के कारण छोटी अवधि में आपूर्ति की चिंताओं के बाद निकेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई।
कॉपर, एल्युमिनियम और निकेल में ही नहीं, बल्कि सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। 2025 में सोने ने करीब 65 प्रतिशत और चांदी ने 145 प्रतिशत के आसपास का रिटर्न दिया है।
--आईएएनएस
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