पहली तिमाही के नतीजों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में आई 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट
मुंबई, 23 जुलाई (आईएएनएस)। निजी क्षेत्र के बैंक इंडसइंड बैंक के शेयर गुरुवार को पहली तिमाही (क्यू1) के नतीजे आने के बाद शुरुआती कारोबार में 6 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। बैंक के शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान 6.30 प्रतिशत गिरकर 999.25 रुपए के इंट्राडे लो पर पहुंच गए। खबर लिखे जाने तक स्टॉक 6.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,004.30 रुपए पर कारोबार करता नजर आया।
बैंक के शेयरों में यह दबाव ऐसे समय आया, जब इंडसइंड बैंक ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 1,037.05 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 604.07 करोड़ रुपए था। इस दौरान प्रोविजन और कंटिन्जेंसी में 21 प्रतिशत की कमी आई और यह घटकर 1,384 करोड़ रुपए रह गया, जिससे मुनाफे को सहारा मिला।
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) सालाना आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 4,685 करोड़ रुपए पहुंच गई। वहीं, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (जीएनपीए) अनुपात सुधरकर 3.25 प्रतिशत हो गया। इसके अलावा, ग्रॉस स्लिपेज भी एक साल पहले के 2,567 करोड़ रुपए से घटकर 1,660 करोड़ रुपए रह गया।
इससे पहले जून में भी इंडसइंड बैंक के शेयरों पर दबाव देखने को मिला था। उस समय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बैंक में कथित इनसाइडर ट्रेडिंग, कॉरपोरेट गवर्नेंस में अनियमितताओं और ऑडिट संबंधी कमियों की जांच की मांग को लेकर एक शिकायत कई सरकारी एजेंसियों के पास भेजी गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक व्हिसलब्लोअर ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ), नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) समेत कई एजेंसियों से शिकायत की थी। शिकायत में इनसाइडर ट्रेडिंग, वित्तीय रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, माइक्रोफाइनेंस लोन की एवरग्रीनिंग, ऑडिट निष्कर्षों को दबाने और वरिष्ठ प्रबंधन व बोर्ड के सदस्यों द्वारा कथित अनियमितताओं को छिपाने जैसे आरोप लगाए गए थे।
इस बीच, बीएसई पर इंडसइंड बैंक के शेयरों का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,077.80 रुपए और 52 सप्ताह का निचला स्तर 710.85 रुपए दर्ज किया गया।
--आईएएनएस
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