भारत के निजी क्षेत्र में सितंबर में आर्थिक गतिविधियां रहीं मजबूत, पीएमआई 56 के पार
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के निजी क्षेत्र में सितंबर में आर्थिक गतिविधियां मजबूत रही हैं और इससे कंपोजिट पीएमआई 56.5 पर रहा है, जो कि अगस्त में 54.3 पर था। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा में बुधवार को दी गई।
एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों सेक्टर्स के डेटा को शामिल किया जाता है।
आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों कंपनियों ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है। इस दौरान नए ऑर्डर और नौकरियों में भी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, महंगाई का दबाव कम हुआ और कारोबारी भरोसा मजबूत हुआ।
आंकड़े के अनुसार, सितंबर में निजी क्षेत्र की गतिविधियों में तेजी आई है और यह जून के बाद सबसे उच्चतम स्तर पर हैं। साथ ही, संबंधित इंडेक्स अपने लंबे समय के औसत से ऊपर पहुंच गया है।
एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, "मैन्युफैक्चरिंग में मजबूती के कारण प्राइवेट सेक्टर की गतिविधियों में तेजी आई है। आउटपुट और नए घरेलू ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं। मध्य पूर्व में फिर से बढ़े तनाव के कारण कंपनियों ने अनिश्चितताओं से निपटने के लिए बफर बनाना शुरू कर दिया है।"
भंडारी ने बताया कि इनपुट की खरीद में तेजी आई है और तैयार माल के स्टॉक का इंडेक्स अब साढ़े 11 साल के उच्चतम स्तर पर है। मैन्युफैक्चरर्स के लिए कीमतों का दबाव बढ़ा है और आउटपुट की कीमतों में महंगाई तेजी से बढ़ रही है, जो मार्जिन बचाने की नई कोशिश का संकेत है।
सितंबर में भारतीय प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के कुल नए बिजनेस में तेजी से बढ़ोतरी हुई।
दोनों सेक्टर में डिमांड बढ़ी, लेकिन सामान बनाने वाली कंपनियों में यह तेजी ज्यादा साफ तौर पर देखी गई। यहां, सेल्स में बढ़ोतरी सर्विस कंपनियों के मुकाबले ज्यादा रही और यह सात महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
सर्विस क्षेत्र की कंपनियों ने बताया कि मार्केटिंग की कोशिशों से ऑर्डर मिलने में मदद मिली, सर्वे के क्वालिटेटिव हिस्से में प्रॉपर्टी, ट्रांसपोर्ट सर्विस और नई ट्रैवल बुकिंग के लिए ज्यादा मांग का जिक्र किया गया है।
वहीं, डेटा से पता चला कि सामान बनाने वाली कंपनियों ने एल्युमीनियम प्रोडक्ट, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, खाने-पीने की चीजों, फार्मास्युटिकल सामान और आम तौर पर नए मॉडलों की डिमांड में बढ़ोतरी की सूचना दी।
इसके अलावा, सितंबर में कुल रोजगार में मजबूत बढ़ोतरी हुई, क्योंकि कंपनियों ने आउटपुट और नए ऑर्डर में लगातार बढ़ोतरी के बीच अपनी स्टाफिंग क्षमता को बढ़ाना जारी रखा। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस, दोनों सेक्टर में नौकरियां पैदा हुईं और विस्तार की दरें लगभग एक जैसी रहीं।
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