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मार्च में भारत की श्रम बल सहभागिता दर स्थिर रही: केंद्र

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक, भारत में 15 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों का श्रम बल सहभागिता दर यानी लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर), जो रोजगार की स्थिति का एक अहम संकेतक माना जाता है, मार्च 2026 में लगभग स्थिर रहा। यह फरवरी के 55.9 प्रतिशत के मुकाबले हल्का घटकर 55.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।
मार्च में भारत की श्रम बल सहभागिता दर स्थिर रही: केंद्र

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक, भारत में 15 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों का श्रम बल सहभागिता दर यानी लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर), जो रोजगार की स्थिति का एक अहम संकेतक माना जाता है, मार्च 2026 में लगभग स्थिर रहा। यह फरवरी के 55.9 प्रतिशत के मुकाबले हल्का घटकर 55.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में श्रमिक जनसंख्या अनुपात यानी वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (डब्ल्यूपीआर), जो रोजगार स्तर को दर्शाता है, मार्च में कुल मिलाकर स्थिर बना रहा। मार्च में कुल डब्ल्यूपीआर 52.6 प्रतिशत रहा।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर मार्च में 46.8 प्रतिशत रहा, जो फरवरी में 47.0 प्रतिशत था। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा फरवरी के 56.3 प्रतिशत से घटकर मार्च में 55.5 प्रतिशत हो गया।

पिछले महीने जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में शहरी रोजगार बाजार में अच्छी रिकवरी देखी गई थी, जिसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ी और बेरोजगारी दर में कमी आई थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), शिक्षा मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा किए जाने वाले पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) से रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़े जुटाए जाते हैं। यह सर्वे देश में रोजगार की स्थिति को समझने का मुख्य स्रोत है।

जनवरी 2025 से इस सर्वे की पद्धति में बदलाव किया गया है, ताकि हर महीने और हर तिमाही के आधार पर रोजगार से जुड़े आंकड़े जारी किए जा सकें।

पीएलएफएस के मासिक नतीजे बुलेटिन के रूप में जारी किए जाते हैं, जिनमें एलएफपीआर, डब्ल्यूपीआर और बेरोजगारी दर (यूआर) जैसे प्रमुख संकेतकों की जानकारी दी जाती है।

अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक के बुलेटिन पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जबकि मार्च 2026 का यह बुलेटिन इस शृंखला का 12वां हिस्सा है।

देश भर के स्तर पर यह आंकड़े कुल 3,74,879 लोगों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं, जिनमें से 2,13,679 लोग ग्रामीण क्षेत्रों से और 1,61,200 लोग शहरी क्षेत्रों से शामिल हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी

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