भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी 65 प्रतिशत युवा आबादी में निहित है: मनोज सिन्हा
श्रीनगर, 2 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी में निहित है, जो कुल आबादी का लगभग 65 प्रतिशत है।
एलजी सिन्हा ने युवा मामले एवं खेल विभाग और एसकेयूएएसटी-कश्मीर द्वारा आयोजित एक केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय समारोह में 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के शुभारंभ में भाग लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से 100 सप्ताह के इस मेगा अभियान का उद्घाटन किया, जो युवाओं को सशक्त बनाकर और नशीली दवाओं के खतरे को खत्म कर भारत के भविष्य को सुरक्षित करने के राष्ट्रव्यापी संकल्प का प्रतीक है।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी में निहित है, जिसमें लगभग 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं। 15-29 आयु वर्ग के 37 करोड़ युवा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए उत्सुक हैं। 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प' अभियान के तहत इस आयु वर्ग को प्रेरित करना, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए मार्गदर्शन करना है।
उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को ऊर्जा के बादल की तरह उभरना चाहिए, जो विकास के क्षितिज पर फैल जाए।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 2020 में शुरू किया गया नशा मुक्त भारत अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ एक सामाजिक आंदोलन है। इसका उद्देश्य नागरिकों में आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प जैसे मूल्यों को विकसित करना है।
उपराज्यपाल ने कहा कि देशभर में लगभग 10,000 स्थानों पर एक करोड़ से अधिक युवा 'नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान' में शामिल हो रहे हैं, जो युवाओं को नशीले पदार्थों से बचाने के लिए समाज की सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।
100 सप्ताह के इस अभियान में 35,000 से अधिक 'एमवाई भारत' युवा क्लब, नेहरू युवा केंद्र, स्कूल, कॉलेज और उद्योग संगठन भाग ले रहे हैं, जो देशभर में हर रविवार को युवाओं को आपस में जोड़ता है। उपराज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल समाज से नशे को जड़ से खत्म करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बधाई देते हुए उन्होंने 11 अप्रैल से 20 जुलाई तक चलाए गए 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
मनोज सिन्हा ने कहा कि यह अभियान पूरे देश के लिए सफलता का एक आदर्श बन गया है। उपराज्यपाल ने कहा, "प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक नेताओं और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि जब समाज एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होता है तो बड़ी से बड़ी चुनौतियों पर भी काबू पाया जा सकता है।"
उन्होंने नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
लगभग 2,300 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 2,600 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 1,500 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। नशीले पदार्थों के आतंकवादियों और तस्करों से संबंधित लगभग 200 करोड़ रुपए मूल्य की 331 से अधिक संपत्तियां जब्त की गई हैं।
इसके अतिरिक्त, 370 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस और 750 वाहन पंजीकरण रद्द किए गए हैं। साथ ही लगभग 3,000 आधार कार्ड रद्द करने की सिफारिशें की गई हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि ये कार्रवाइयां युवाओं के भविष्य को खतरे में डालने वाले मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ सरकार की अडिग नीति को दर्शाती हैं।
उपराज्यपाल ने कहा, "कानून का सख्ती से पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन जन जागरूकता और पुनर्वास भी उतने ही आवश्यक हैं। हम जल्द ही नशा मुक्ति पीड़ितों के लिए पुनर्वास एवं सामाजिक-आर्थिक एकीकरण योजना, 2026 शुरू करेंगे। यह प्रायोगिक परियोजना कश्मीर और जम्मू डिवीजनों के दी सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शुरू होगी।
तीन साल के पुनर्वास चक्र के रूप में तैयार की गई इस योजना में चिकित्सा उपचार, परामर्श, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, एकीकरण और दीर्घकालिक निगरानी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मैं नशा से प्रभावित युवाओं को पीड़ित मानता हूं और हमें उनकी गरिमा, आजीविका और एक सार्थक भविष्य सुनिश्चित करना होगा।"
उन्होंने परिवारों, शिक्षकों और युवा संगठनों से युवाओं के मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
मनोज सिन्हा ने कहा, "माता-पिता और शिक्षक सबसे बड़े मार्गदर्शक होते हैं और उन्हें संवाद, विश्वास और प्रोत्साहन के माध्यम से युवाओं का समर्थन करना चाहिए। 'एमवाई भारत', नेहरू युवा केंद्रों और युवा क्लबों के स्वयंसेवकों को अभियान का संदेश हर गांव, स्कूल, कॉलेज और समुदाय तक पहुंचाना चाहिए।"
उपराज्यपाल ने युवाओं से नशे से दूर रहने, साथियों को प्रेरित करने और स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जम्मू और कश्मीर के युवा नशे के अंधकार को दूर करेंगे और ज्ञान, प्रगति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रकाश फैलाएंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, "स्वस्थ युवा, मजबूत परिवार और जागरूक जनता विकसित भारत की पहचान बनेंगे।"
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने जम्मू और कश्मीर के युवाओं को नशा मुक्त युवा शपथ भी दिलाई। इस समारोह में एसकेयूएएसटी कश्मीर के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई, युवा सेवा एवं खेल विभाग के आयुक्त/सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी, कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग, मेरा युवा भारत (एमवाई भारत) जम्मू-कश्मीर के निदेशक नितिन हैंग्लू वरिष्ठ अधिकारी, युवा क्लबों के सदस्य, नेहरू युवा केंद्र के सदस्य, प्रमुख नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
--आईएएनएस
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