75 प्रतिशत वैश्विक व्यापार को कवर करेंगे भारत के एफटीए, सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए दो महीने में आएंगे नए नियम: पीयूष गोयल
टोक्यो/नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत वैश्विक व्यापार व्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत बनाने के लिए कम से कम आठ से नौ देशों और देश समूहों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बातचीत कर रहा है। इन अर्थव्यवस्थाओं का संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग 15 ट्रिलियन डॉलर है। उनका कहना है कि इन समझौतों के लागू होने के बाद भारत के एफटीए नेटवर्क का दायरा वैश्विक व्यापार के लगभग 75 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच सकता है।
टोक्यो में भारत और जापान के उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत द्वारा पहले से किए गए और हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौतों ने लगभग 70 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त जीडीपी वाली अर्थव्यवस्थाओं तक भारतीय कंपनियों की पहुंच सुनिश्चित की है। वर्तमान में चल रही वार्ताओं के सफल होने के बाद यह दायरा और व्यापक हो जाएगा।
उन्होंने कहा, "हमारे मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए वैश्विक व्यापार का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा कवर होगा। इससे भारत एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में वैश्विक मूल्य शृंखलाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकेगा।"
गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले चार वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं और 38 विकसित देशों को कवर करते हैं। इसके अतिरिक्त जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों के साथ पहले से मौजूद व्यापार समझौते करीब 10 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत के व्यापार समझौते दुनिया की लगभग 70 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच उपलब्ध करा रहे हैं और आगामी समझौतों से इसमें और विस्तार होगा।
टोक्यो में निक्केई एशिया के साथ आयोजित एक विशेष संवाद के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि भारत सरकार अगले दो महीनों के भीतर सेमीकंडक्टर और ऑटो कंपोनेंट विनिर्माण क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नए नियम और नियामकीय बदलाव लाएगी।
उन्होंने बताया कि कई वैश्विक सेमीकंडक्टर और ऑटो कंपोनेंट निर्माता भारत में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रहे हैं और उन्होंने कुछ नीतिगत एवं नियामकीय मुद्दे सरकार के सामने रखे हैं।
गोयल ने कहा, "मैंने उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि अगले दो महीनों के भीतर भारत नियमों में आवश्यक संशोधन करेगा और नए प्रावधान लाएगा, ताकि उनकी मांगों का समाधान हो सके और भारत में विनिर्माण स्थापित करने में उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।"
--आईएएनएस
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