जून में भारत के क्रेडिट बाजार में एयूएम 18 प्रतिशत बढ़कर 142 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचाः रिपोर्ट
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत का क्रेडिट बाजार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि के साथ आगे बढ़ता रहा। एक्सपीरियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 142 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (क्यू1) में कुल लोन सोर्सिंग वैल्यू 20 लाख करोड़ रुपए रही, जिसमें सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि यह वृद्धि पिछली तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही) की तुलना में कुछ धीमी रही।
क्रेडिट बाजार की वृद्धि में असुरक्षित ऋण (अनसेक्योर्ड लेंडिंग) महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बनकर उभरे। इस श्रेणी में नए ऋण वितरण की मात्रा 26 प्रतिशत बढ़ी। विशेष रूप से पर्सनल लोन और कंज्यूमर लोन ने इस वृद्धि को गति दी, जबकि क्रेडिट कार्ड श्रेणी में भी फिर से तेजी के संकेत देखने को मिले।
रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा ऋण पोर्टफोलियो के मूल्य के लिहाज से सुरक्षित ऋण (सेक्योर्ड लेंडिंग) की हिस्सेदारी अभी भी प्रमुख बनी हुई है।
क्रेडिट गुणवत्ता के मोर्चे पर भी स्थिति बेहतर रही। जून 2026 में नेट 30+ डिलिंक्वेंसी का स्तर 3 प्रतिशत रहा, जो जून 2025 के 4.1 प्रतिशत की तुलना में बेहतर है। इससे संकेत मिलता है कि ऋण चूक का दबाव नियंत्रित बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) उपभोग आधारित ऋण उत्पादों में अपनी स्थिति और मजबूत कर रही हैं। खासकर पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन और दोपहिया वाहन ऋण क्षेत्रों में उनकी हिस्सेदारी बढ़ रही है।
वहीं, बैंक अभी भी होम लोन और ऑटो लोन जैसे बड़े टिकट आकार वाले सुरक्षित ऋण उत्पादों में मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं।
एक्सपीरियन इंडिया के कंट्री मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष जैन ने कहा कि भारत का क्रेडिट बाजार लगातार मजबूती दिखा रहा है और अच्छा एसेट क्वालिटी प्रदर्शन आगे के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि असुरक्षित ऋणों की तेजी उपभोक्ताओं की बदलती वित्तीय जरूरतों को दर्शाती है, जबकि सुरक्षित ऋणों की मजबूती बाजार के संतुलित विकास का संकेत है।
उत्पाद-आधारित आंकड़ों पर नजर डालें तो, पर्सनल लोन एयूएम बढ़कर 16.2 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत अधिक है। नए पर्सनल लोन वितरण में 32 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह आंकड़ा 3 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।
वहीं, क्रेडिट कार्ड एयूएम 3.15 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसमें मामूली 0.1 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन नए कार्ड और उपयोग में फिर से सुधार के संकेत मिले हैं।
इसके अतिरिक्त, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन एयूएम 37 प्रतिशत बढ़कर 1.1 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि टू-व्हीलर लोन एयूएम बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।
होम लोन एयूएम 13 प्रतिशत बढ़कर 43.6 लाख करोड़ रुपए रहा। इस दौरान औसत होम लोन टिकट साइज बढ़कर 34.8 लाख रुपए हो गया, जो एक वर्ष पहले 32.2 लाख रुपए था।
--आईएएनएस
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