अगस्त में भारत में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में दर्ज की गई करीब 20 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में भारत के दोपहिया वाहन बाजार ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। इस दौरान ओणम त्योहार से बढ़ी मांग और पिछले वर्ष के अपेक्षाकृत कम आधार के चलते दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 18 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
यस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि नए वाहनों को लेकर उपभोक्ताओं की रुचि लगातार मजबूत बनी हुई है। ऑर्गेनिक पूछताछ में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और शहरी तथा ग्रामीण दोनों बाजारों में अच्छी मांग देखने को मिली है। विशेष रूप से प्रीमियम आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहन और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (ईवी) बाजार की वृद्धि के प्रमुख चालक बने हुए हैं। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए वाहन निर्माता कंपनियां भी आपूर्ति बढ़ाने में जुटी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, दोपहिया वाहनों के साथ-साथ यात्री वाहन बाजार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। अगस्त में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में 11 से 13 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ओणम की मांग के कारण बिक्री को लगभग 20 प्रतिशत का अतिरिक्त समर्थन मिला। इस दौरान शहरी बाजारों का प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में बेहतर रहा।
मजबूत बिक्री के बावजूद वाहन डीलरों के पास स्टॉक का स्तर नियंत्रित बना हुआ है। यात्री वाहनों की इन्वेंटरी लगभग चार सप्ताह के स्तर पर है, हालांकि वैकल्पिक ईंधन आधारित लोकप्रिय मॉडलों के लिए प्रतीक्षा अवधि अभी भी लंबी बनी हुई है।
वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में भी मांग मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री को नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध से अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है, क्योंकि इससे पुराने वाहनों के प्रतिस्थापन की मांग बढ़ने की संभावना है।
ट्रैक्टर क्षेत्र में भी प्रदर्शन सकारात्मक रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक्टरों की बिक्री दोहरे अंक की वृद्धि दर पर बनी हुई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत है।
यस सिक्योरिटीज ने कहा कि विशेष रूप से शहरी, टियर-1 और टियर-2 शहरों के डीलरों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में काफी तेजी की जानकारी दी है। अगस्त में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और बुकिंग मजबूत बनी रही।
रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ताओं की पसंद में भी बदलाव देखा जा रहा है। अब खरीदार केवल कम लागत पर ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि बेहतर तकनीक, प्रदर्शन और अतिरिक्त सुविधाओं वाले मॉडल चुन रहे हैं। इसी कारण उच्च श्रेणी के मॉडलों की मांग अपेक्षाकृत अधिक बढ़ रही है।
सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। पूछताछ और बुकिंग में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसे नए मॉडलों की लॉन्चिंग और ई-20 ईंधन को लेकर बनी कुछ चिंताओं से भी जोड़ा जा रहा है।
लोकप्रिय ब्रांडों के लिए प्रतीक्षा अवधि अभी भी लंबी बनी हुई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रतीक्षा अवधि तीन से चार महीने तक पहुंच गई है, जबकि पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों के लिए यह एक से डेढ़ महीने के बीच है।
वाहन निर्माताओं ने कच्चे माल की बढ़ती लागत का असर ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी भी की है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख कंपनियों ने हाल ही में कीमतों में वृद्धि लागू की है और आगे 0.5 से 1.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त मूल्य वृद्धि की संभावना भी जताई जा रही है।
हालांकि छूट योजनाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। आंतरिक दहन इंजन और इलेक्ट्रिक दोनों श्रेणियों में छूट का स्तर लगभग स्थिर बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि छूट मुख्य रूप से इन्वेंटरी प्रबंधन के आधार पर दी जा रही हैं, न कि मांग को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के उद्देश्य से।
--आईएएनएस
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