Samachar Nama
×

2031 तक 11.8 लाख रोजगार और 1,380 नए जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य, राज्यों में निवेश आकर्षित करने की होड़ तेज: रिपोर्ट

2031 तक 11.8 लाख रोजगार और 1,380 नए जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य, राज्यों में निवेश आकर्षित करने की होड़ तेज: रिपोर्ट
2031 तक 11.8 लाख रोजगार और 1,380 नए जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य, राज्यों में निवेश आकर्षित करने की होड़ तेज: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के विभिन्न राज्य वर्ष 2031 तक करीब 11.8 लाख रोजगार अवसर सृजित करने और लगभग 1,380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) स्थापित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनी सीबीआरई साउथ एशिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों द्वारा बनाई गई विशेष जीसीसी नीतियां इस क्षेत्र की तेज वृद्धि का प्रमुख आधार बन रही हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2022 से लेकर 2026 की पहली छमाही तक जीसीसी ने भारत के शीर्ष नौ शहरों में 12.3 करोड़ वर्गफुट से अधिक कार्यालय क्षेत्र लीज पर लिया है। यह दर्शाता है कि वैश्विक कंपनियां भारत को अपने बैक-ऑफिस, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और बिजनेस ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में देख रही हैं।

कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने निवेश आकर्षित करने और जीसीसी क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए विशेष नीतियां लागू की हैं। वहीं तेलंगाना, दिल्ली और तमिलनाडु ने भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं और नीति ढांचे तैयार किए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कई अन्य राज्य भी जीसीसी क्षेत्र में अवसरों को देखते हुए नई नीतियों पर काम कर रहे हैं। केरल उन राज्यों में शामिल है जिसने जीसीसी नीति का मसौदा तैयार किया है और इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

भारत में कुल ऑफिस लीजिंग गतिविधियों में जीसीसी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2022 में यह हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत थी, जो 2026 की पहली छमाही में बढ़कर लगभग 43 प्रतिशत पहुंच गई। यह संकेत देता है कि देश के वाणिज्यिक रियल एस्टेट बाजार में जीसीसी की भूमिका तेजी से मजबूत हो रही है।

सेक्टरवार आंकड़ों के अनुसार, प्रौद्योगिकी, बैंकिंग-फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (बीएफएसआई) तथा इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण क्षेत्रों ने कुल लीजिंग गतिविधियों में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान दिया। इनमें टेक्नोलॉजी सेक्टर की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत, बीएफएसआई की 22 प्रतिशत और इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग की 16 प्रतिशत रही।

सीबीआरई इंडिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व एवं अफ्रीका के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा जीसीसी के लिए समर्पित नीतियां इतनी तेजी से अपनाना भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव है। उन्होंने कहा कि अब जीसीसी केवल सेवा क्षेत्र का एक हिस्सा नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्यों की आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं।

उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकारें लक्षित प्रोत्साहन, तेज मंजूरी प्रक्रियाओं और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा विकास के माध्यम से जीसीसी निवेश आकर्षित करने के लिए सक्रिय प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

सीबीआरई के मैनेजिंग डायरेक्टर, लीजिंग सर्विसेज, राम चंदनानी ने कहा कि राज्यों की नीतियां अब जमीनी स्तर पर वास्तविक मांग में बदलती दिखाई दे रही हैं। उनके अनुसार, जैसे-जैसे राज्य पूंजीगत व्यय सहायता, पेरोल प्रोत्साहन और तेज नियामकीय मंजूरी जैसी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं, उसका सीधा असर ऑफिस स्पेस की मांग और लीजिंग गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि अब राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा केवल प्रोत्साहन पैकेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन की क्षमता भी अहम भूमिका निभा रही है। यही कारण है कि स्थापित महानगरों के साथ-साथ उभरते शहर भी जीसीसी निवेश के नए केंद्र बनते जा रहे हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी

Share this story

Tags