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लेबनान में भारतीय शांति सैनिकों की बड़ी भूमिका की हुई सराहना

बेरूत, 11 मई (आईएएनएस)। भारतीय दूतावास (लेबनान) ने सोमवार को दक्षिण लेबनान में तैनात भारतीय शांति सैनिकों की सराहना की है। दूतावास ने कहा कि इन सैनिकों ने एक बार फिर मिशन सपोर्ट और ऑपरेशनल सहयोग में आगे रहकर काम किया है।
लेबनान में भारतीय शांति सैनिकों की बड़ी भूमिका की हुई सराहना

बेरूत, 11 मई (आईएएनएस)। भारतीय दूतावास (लेबनान) ने सोमवार को दक्षिण लेबनान में तैनात भारतीय शांति सैनिकों की सराहना की है। दूतावास ने कहा कि इन सैनिकों ने एक बार फिर मिशन सपोर्ट और ऑपरेशनल सहयोग में आगे रहकर काम किया है।

दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट कर लिखा, “कठिन परिस्थितियों में भारतीय काफिले ने नेपाल के सैनिकों को आगे के यूएन ठिकानों से सुरक्षित तरीके से लाने और ले जाने (इंडक्शन और डी-इंडक्शन) में मदद की। साथ ही यूएनपी 4-2 पर 450 से ज्यादा लोगों को पूरा लॉजिस्टिक और रहने-खाने का सपोर्ट भी दिया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “भारतीय शांति सैनिकों की ओर से दी गई तेज और बिना रुकावट मदद की फोर्स कमांडर, सेक्टर कमांडर (सेक्टर ईस्ट) और जाने वाले कंटिंजेंट कमांडर ने काफी सराहना की।”

दूतावास के अनुसार, भारतीय शांति सैनिक लगातार पेशेवरता, भाईचारे और मजबूत समर्पण की परंपरा को बनाए हुए हैं, जिससे तिरंगा गर्व से ऊंचा लहरा रहा है।

पिछले महीने दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनआईएफआईएल) में तैनात एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हो गए थे। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि दोषियों की जांच कर उन्हें सजा दिलाना जरूरी है।

भारत ने यह भी कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के ठिकानों और कर्मियों की सुरक्षा और उनकी पवित्रता का सम्मान होना चाहिए। साथ ही सभी पक्षों से अपील की गई थी कि शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

मार्च में भी भारत ने लेबनान में तैनात यूएन शांति सैनिकों की सुरक्षा की बात उठाई थी, क्योंकि उस समय इजरायल और हिज्‍बुल्लाह के बीच तनाव बढ़ा हुआ था।

मार्च में घाना के तीन शांति सैनिक भी अपने बेस में घायल हो गए थे, जब दक्षिण लेबनान के एक इलाके में भारी गोलीबारी हो रही थी, जहां वे तैनात थे।

यूएनआईएफआईएल में कुल 7,438 सैनिकों में भारत के 642 शांति सैनिक हैं, जिससे भारत दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश है।

यह शांति मिशन 1978 में शुरू हुआ था और इसका काम वहां लड़ाई रोकने की निगरानी करना और लेबनान सरकार को दक्षिणी क्षेत्रों पर दोबारा नियंत्रण पाने में मदद करना है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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