मणिपुर में शांति के लिए भारतीय सेना का भरोसा, सभी समुदायों की सुरक्षा का दोहराया वादा
इंफाल, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय सेना की 'रेड शील्ड डिवीजन' के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) ने इस बात को फिर से दोहराया कि भारतीय सेना मणिपुर में सभी समुदायों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा कि जीओसी ने भारतीय सेना की भूमिका पर जोर दिया, जो एक निष्पक्ष और भरोसेमंद बल के रूप में पूरे राज्य में लोगों की जान बचाने और शांति बनाए रखने के लिए समर्पित है।
जीओसी ने चल रहे जनसंपर्क प्रयासों के तहत सिनाइकेइथेई और टिंगपिबुंग के दूरदराज और अलग-थलग गांवों का दौरा किया। इन गांवों में तांगखुल नागा और कुकी समुदाय के लोग रहते हैं। जीओसी ने यहां जमीनी हालात का जायजा लिया और निवासियों से सीधे बातचीत की।
इस दौरान सेना के अधिकारी ने नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और गांव के मुखियाओं के साथ बातचीत की। उन्होंने आपसी समझ को बढ़ावा देने और चल रहे तनाव को दूर करने के लिए शांतिपूर्ण रास्ते खोजने के उद्देश्य से सार्थक चर्चाएं कीं।
जीओसी ने सभी संबंधित पक्षों से क्षेत्र में सद्भाव और दीर्घकालिक स्थिरता बहाल करने की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया।
लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा, "गांव वालों को आश्वस्त करते हुए जीओसी ने यह संदेश दिया कि भारतीय सेना सभी समुदायों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।"
यह दौरा भारतीय सेना के उन निरंतर प्रयासों को रेखांकित करता है जिनका उद्देश्य विश्वास जगाना, सामुदायिक संबंधों को मजबूत करना और मणिपुर में स्थायी शांति स्थापित करने में योगदान देना है।
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने इंफाल पूर्वी जिले के अहल्लुप माखा लेइकाई में कर्फ्यू का उल्लंघन करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर गुरुवार को पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया और उनके हथियार छीनने की कोशिश की।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान यांगोइजम बोरिश सिंह (23), मंगसाताबम डेविड सिंह (21), पांगंबम निवास मेइतेई (22), लैतोंजम रोमेन सिंह (22), फाइरेनजम टोनी (21) और निंगथौजम डेनिश सिंह (22) के रूप में हुई है।
एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने सेनापति जिले के टी. खुलेन नाका चेक पोस्ट पर दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से लगभग 4 करोड़ रुपए मूल्य की प्रतिबंधित मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद की गईं।
इस अभियान के दौरान एक कार और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों सहित सुरक्षा बल, उग्रवादी गतिविधियों पर अपनी कार्रवाई तेज कर रहे हैं। इसके तहत कई जिलों के बाहरी, मिश्रित आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान और इलाके पर नियंत्रण के अभियान चलाए जा रहे हैं।
संदिग्ध लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए घाटी और पहाड़ी, दोनों तरह के जिलों में कुल 113 नाके और चेकपॉइंट बनाए गए हैं।
इसके अलावा, सुरक्षाकर्मी इंफाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों समेत अन्य वाहनों को सुरक्षा (एस्कॉर्ट) दे रहे हैं।
सामान और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और काफिलों की सुरक्षा जारी है। मणिपुर पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि वे अफवाहों पर यकीन न करें और सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो से सावधान रहें।
पुलिस के एक बयान में चेतावनी दी गई है, "किसी भी वायरल वीडियो या ऑडियो क्लिप की सच्चाई की पुष्टि सेंट्रल कंट्रोल रूम के जरिए की जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाला या गुमराह करने वाला कंटेंट अपलोड करने या शेयर करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
--आईएएनएस
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