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अरुणाचल: भारतीय सेना और आईटीबीपी का संयुक्त अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’, युद्ध तैयारियों को मिली मजबूती

ईटानगर, 30 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में चार दिवसीय संयुक्त फायरिंग अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ के दूसरे चरण (फेज-II) का सफल आयोजन किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों बलों के बीच समन्वय बढ़ाना और युद्धक तैयारियों को और मजबूत करना है।
अरुणाचल: भारतीय सेना और आईटीबीपी का संयुक्त अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’, युद्ध तैयारियों को मिली मजबूती

ईटानगर, 30 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में चार दिवसीय संयुक्त फायरिंग अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ के दूसरे चरण (फेज-II) का सफल आयोजन किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों बलों के बीच समन्वय बढ़ाना और युद्धक तैयारियों को और मजबूत करना है।

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि 25 से 28 जनवरी के बीच अरुणाचल प्रदेश के तेजू क्षेत्र में ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास का फेज-II आयोजित किया गया। इसका मकसद अंतर-बल युद्धक तालमेल और परिचालन तत्परता को सुदृढ़ करना था।

उन्होंने बताया कि चार दिवसीय इस अभ्यास में स्पीयर कॉर्प्स के स्पीयरहेड गनर्स के साथ आर्टिलरी रेजिमेंट, इन्फैंट्री बटालियनों और आईटीबीपी के जवानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लाइव आर्टिलरी फायरिंग के माध्यम से एक अनूठी संयुक्त फायरपावर ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

यह अभ्यास संयुक्त अभियानों में एकीकरण और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अभ्यास का मुख्य फोकस गैर-गनर कर्मियों को आर्टिलरी प्रक्रियाओं और विभिन्न फायरिंग मिशनों के संचालन से परिचित कराना रहा।

लेफ्टिनेंट कर्नल रावत के अनुसार, इन्फैंट्री और आईटीबीपी के जवानों को अनुभवी गनर्स की निगरानी में स्वतंत्र रूप से कई आर्टिलरी फायरिंग ड्रिल करने का प्रशिक्षण दिया गया। इससे युद्धक्षेत्र में फायरपावर के एकीकरण की उनकी समझ और क्षमता में वृद्धि हुई।

उन्होंने कहा कि यथार्थपरक युद्ध परिस्थितियों में प्रशिक्षण से भाग लेने वाले बलों के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को भी मजबूती मिली है।

अग्नि परीक्षा अभ्यास का दूसरा चरण भारतीय सेना की संयुक्तता (जॉइंटमैनशिप), अंतर-संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी), और यथार्थवादी प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभ्यास उभरती परिचालन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अंतर-एजेंसी सहयोग को निरंतर सशक्त करने के संकल्प को भी रेखांकित करता है।

इससे पहले, भारतीय सेना और आईटीबीपी ने अरुणाचल प्रदेश में ‘अग्नि परीक्षा’ संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का पहला चरण (फेज-I) भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। छह दिवसीय यह अभ्यास 19 से 24 जनवरी के बीच पूर्वी सियांग जिले के सिगार क्षेत्र में आयोजित किया गया था।

रक्षा प्रवक्ता ने बताया था कि इस गहन संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास ने अंतर-बल परिचालन एकीकरण और संयुक्तता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। स्पीयर कॉर्प्स के स्पीयरहेड गनर्स ने इन्फैंट्री रेजिमेंट और आईटीबीपी के जवानों के साथ मिलकर पहली बार इस तरह की सहयोगात्मक फायरपावर ट्रेनिंग को अंजाम दिया।

--आईएएनएस

डीएससी

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