भारतीय सेना प्रमुख धीरज सेठ की नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से मुलाकात, राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी रहे मौजूद
काठमांडू, 18 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र उर्फ बालेन शाह से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके चार दिवसीय नेपाल दौरे के दौरान हुई।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह शिष्टाचार भेंट प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के कार्यालय में हुई। इस दौरान भारत के नेपाल स्थित राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के पास नेपाल के रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी है।
जनरल सेठ उन विशिष्ठ विदेशी गणमान्य व्यक्तियों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री शाह से मिलने का अवसर मिला है। शाह ने 27 मार्च को प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक विदेशी राजनयिकों और गणमान्य लोगों से आमने-सामने की बैठकें टाल रखी हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि, अटकलें हैं कि बैठक में अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती का मुद्दा भी उठा होगा। भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती 2019 से रुकी हुई है। इसे पहले कोविड-19 महामारी के कारण रोका गया था। इसके बाद 2022 में भारत के अग्निपथ योजना लागू करने के बाद नेपाल ने भर्ती प्रक्रिया को निलंबित कर दिया था।
नेपाली सरकार ने भारतीय सेना में नेपाली युवाओं की भर्ती रोक दी। बालेन सरकार ने इसके पीछे यह तर्क दिया कि यह स्कीम भारत, नेपाल और ब्रिटेन के बीच 1947 के त्रिपक्षीय समझौते के नियमों के खिलाफ है।
इससे पहले नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सोमवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना के जनरल का मानद रैंक प्रदान किया। यह नेपाल और भारत के बीच 1950 से चली आ रही एक अनोखी दशकों पुरानी परंपरा है। इस परंपरा के तहत दोनों देश एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को जनरल का मानद पद प्रदान करते हैं।
माना जाता है कि इस परंपरा ने दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने में विशेष योगदान दिया है। राष्ट्रपति पौडेल ने शीतल निवास, राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में जनरल सेठ को नेपाली सेना के जनरल के मानद पद का चिन्ह भेंट किया।
इस सम्मान समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, मुख्य सचिव गोविंद बहादुर कार्की, नेपाली सेना के प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल, नेपाली सेना के पूर्व सेना प्रमुख, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, नेपाल में भारत के राजदूत और मित्र देशों के रक्षा प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
--आईएएनएस
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