भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग से दिया इस्तीफा, बोलीं- चुनाव से पहले ही लिया था फैसला
वाशिंगटन, 6 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग में नागरिक अधिकार प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मध्यावधि चुनाव से कई हफ्ते पहले ही छोड़ने का फैसला कर लिया था और व्हाइट हाउस के अनुरोध पर अपनी विदाई को टाल दिया था।
अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को पुष्टि की कि उन्होंने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। चंडीगढ़ में जन्मी वकील के जाने पर प्रशासन की ओर से तारीफ हुई, जबकि डेमोक्रेट्स और पूर्व न्याय विभाग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह ने आलोचना की।
हरमीत ढिल्लों ने फॉक्स न्यूज डिजिटल से कहा कि इस्तीफा देने का उनका फैसला मंगलवार के चुनाव से पहले ही लिया गया था। उन्होंने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि उन्हें जाने के लिए कहा गया था।
उन्होंने कहा, "मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया। मैंने तीन हफ्ते पहले इस्तीफा दे दिया था, और सूसी ने मुझसे कहा कि कृपया मध्यावधि चुनाव तक इंतजार करें।"
वह व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स की बात कर रही थीं। फॉक्स ने बताया कि ढिल्लों ने 5 नवंबर को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपा, जो उनके द्वारा प्राप्त पत्र के अनुसार है।
उन्होंने फॉक्स न्यूज को बताया कि वह निजी कानूनी प्रैक्टिस में लौटना चाहती हैं और उन्हें लगता है कि उन्होंने वह काम पूरा कर लिया है, जिसके लिए वह वाशिंगटन आई थीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने बयान में ढिल्लों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया और नागरिक अधिकार प्रभाग की देखरेख के अपने रिकॉर्ड का बचाव किया।
उन्होंने लिखा, "नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के रूप में अपने देश की सेवा करना जीवन भर का सम्मान रहा। हमने अवैध डीईआई के पतन की शुरुआत की, हमने महिलाओं और लड़कियों के खेलों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, और भी बहुत कुछ किया।" डीईआई का मतलब विविधता, समानता और समावेशन है।
उन्होंने आगे लिखा, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप को यह अवसर देने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। मैं आगे आने वाले समय का इंतजार कर रही हूं।"
ब्लैंच ने इस्तीफा स्वीकार करने की घोषणा करते हुए एक अलग पोस्ट में उनके नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, "उन्होंने हर अमेरिकी की नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा की है और बिना किसी डर या पक्षपात के कानून को लागू किया है। विभाग उनकी समर्पित जनसेवा के लिए आभारी है, और हम उनके भविष्य के प्रयासों में हर सफलता की कामना करते हैं।"
वहीं, आलोचकों ने उनके कार्यकाल का बिल्कुल अलग आकलन किया।
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के अध्यक्ष केन मार्टिन ने ढिल्लों पर अमेरिकियों की रक्षा करने के बजाय ट्रंप के व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए अपने पद का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनके बयान में इस विदाई को रिपब्लिकन चुनावी हार के राजनीतिक नतीजे के रूप में दिखाया गया।
न्याय विभाग के पूर्व कर्मचारियों के समूह जस्टिस कनेक्शन की प्रमुख स्टेसी यंग ने द हिल के अनुसार, ढिल्लों पर प्रभाग के पारंपरिक मिशन को छोड़ने का आरोप लगाया। यंग ने पुलिस सुधार जांच और समझौतों को समाप्त करने और विश्वविद्यालयों और चुनाव अधिकारियों के प्रति प्रभाग के रवैये की आलोचना की।
ढिल्लों और ब्लैंच ने उनके काम को कानूनी सुरक्षा लागू करने के रूप में बताया, जबकि आलोचकों ने तर्क दिया कि प्रभाग कमजोर समुदायों की रक्षा से दूर चला गया है।
हरमीत ढिल्लों का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था और वह लंदन में रहीं, फिर उनका परिवार न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स में आ गया और बाद में उत्तरी कैरोलिना में बस गया। उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज और वर्जीनिया विश्वविद्यालय के लॉ स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और ढिल्लों लॉ ग्रुप तथा सेंटर फॉर अमेरिकन लिबर्टी की स्थापना की।
ट्रंप ने उन्हें दिसंबर 2024 में नामित किया था। सीनेट ने 3 अप्रैल 2025 को उनकी पुष्टि की और चार दिन बाद उन्होंने शपथ ली थी।
--आईएएनएस
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