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भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता सही दिशा में बढ़ रही आगे : वाणिज्य सचिव

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता सही दिशा में बढ़ रही आगे : वाणिज्य सचिव
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता सही दिशा में बढ़ रही आगे : वाणिज्य सचिव

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि भारत-अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है और यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वाणिज्य सचिव ने कहा, "हमें बातचीत में कोई चुनौती नहीं दिख रही है और बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।"

उन्होंने आगे कहा, "दोनों पक्ष सकारात्मक हैं। भारत-अमेरिका फ्रेमवर्क ट्रेड डील सही समय पर साइन किए जाने के लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत हो रहे हैं, जिसमें अमेरिका से ऊर्जा आयात भी शामिल है।"

इस महीने की शुरुआत में, कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की बातचीत आखिरी दौर में है। अधिकतर अहम मुद्दों को सुलझा लिया गया है और दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते पर काम कर रहे हैं जिससे नई दिल्ली को अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले फायदा मिले।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वाशिंगटन में हाल के कानूनी और नीतिगत घटनाक्रमों के बावजूद उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार समझौता पूरा करने में किसी बड़ी बाधा की उम्मीद नहीं है।

गोयल ने कहा, "हमें अमेरिका के साथ कोई मुश्किल नहीं दिख रही है," और साथ ही कहा कि "रियायतों और अन्य पहलुओं को काफी हद तक अंतिम रूप दिया जा चुका है"।

उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले तरजीही बाजार पहुंच की मांग की है, और अमेरिकी प्रशासन ने इस बात को समझा है।

ज्यादा टैरिफ के बावजूद, अमेरिका को भारत का निर्यात मजबूत बना हुआ है। गोयल ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अनुमान जताया कि अप्रैल-जून तिमाही में भारत का सामान का निर्यात सालाना आधार पर लगभग 15 प्रतिशत बढ़ेगा।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मई में अमेरिका का भारत के साथ सामानों के व्यापार में 4.1 अरब डॉलर का घाटा दर्ज किया गया, क्योंकि निर्यात में गिरावट और आयात में बढ़ोतरी के बीच अमेरिका का कुल व्यापार घाटा तेजी से बढ़ा।

प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में, भारत उन देशों में से एक था जिनके साथ अमेरिका ने सामान के व्यापार में घाटा दर्ज किया।

इन आंकड़ों ने व्यापक एशियाई सप्लाई चेन में भारत की स्थिति को भी उजागर किया, जिसमें अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा इस क्षेत्र के कई अन्य प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के साथ व्यापार घाटे की तुलना में काफी कम रहा।

--आईएएनएस

एबीएस/

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