Samachar Nama
×

भारत-यूएस व्यापार समझौता लगभग पूरा, दोनों सरकारें लगातार संपर्क में : अमेरिकी अधिकारी

भारत-यूएस व्यापार समझौता लगभग पूरा, दोनों सरकारें लगातार संपर्क में : अमेरिकी अधिकारी
भारत-यूएस व्यापार समझौता लगभग पूरा, दोनों सरकारें लगातार संपर्क में : अमेरिकी अधिकारी

वॉशिंगटन, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग पूरा हो चुका है और बातचीत का केवल एक से दो प्रतिशत हिस्सा बाकी है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इससे संकेत मिलता है कि कई महीनों की उच्चस्तरीय बातचीत के बाद दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच रहे हैं।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि सबसे बड़े मुद्दों का समाधान पहले ही हो चुका है और बातचीत अब भी सर्वोच्च राजनीतिक स्तर पर जारी है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चर्चा भी शामिल है।

अधिकारी ने शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों से कहा, “सबसे बड़े मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। मेरा मतलब है कि यह लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल एक या दो प्रतिशत काम बाकी है।”

अमेरिकी की ओर से यह बयान विदेश मंत्री मार्को रुबियो की प्रस्तावित भारत यात्रा से पहले आया है। इस यात्रा के दौरान वह मुंबई और जामनगर में भारतीय सरकारी अधिकारियों और प्रमुख कारोबारियों के साथ चर्चा करेंगे।

अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित समझौते को लेकर दोनों सरकारें लगातार संपर्क में हैं।

उन्होंने कहा, “हम हर सप्ताह सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।”

अधिकारी ने यह भी बताया कि व्यापार समझौते पर उच्चस्तरीय चर्चाएं नियमित रूप से हो रही हैं।

अधिकारी ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर, भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और राष्ट्रपति ट्रंप एवं प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी घटनाक्रम वार्ता में आई तेजी को दर्शाते हैं।

बयान में आगे अमेरिकी अधिकारी ने समझौते में देरी की वजह भी बताई।

अधिकारी के अनुसार, पहले की एक सहमति को इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) से जोड़ा गया था। अब इस कानून को निरस्त किए जाने के बाद कानूनी ढांचे पर दोबारा विचार करना पड़ा।

इस घटनाक्रम के कारण वार्ताकारों को प्रस्तावित समझौते के कुछ पहलुओं पर फिर से विचार करना पड़ा, जिससे बातचीत कई महीने और आगे बढ़ गई।

इन जटिलताओं के बावजूद अधिकारी ने उम्मीद जताई कि शेष मतभेदों को जल्द सुलझा लिया जाएगा।

रुबियो भारत आने से पहले उज्बेकिस्तान जाएंगे, जहां वह मध्य एशियाई देशों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।

मुंबई में वह भारतीय सरकार के अपने समकक्षों और देश की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली के बजाय मुंबई जाने का फैसला अमेरिकी प्रशासन की ओर से वाणिज्यिक कूटनीति और अमेरिका में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने पर बढ़ते जोर को दर्शाता है।

रुबियो जामनगर का भी दौरा करेंगे।

अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा सहयोग और अन्य क्षेत्रों में भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहता है।

दोनों सरकारों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के प्रयासों के तहत अगले साल अमेरिका के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की भारत यात्राएं भी प्रस्तावित हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

Share this story

Tags