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भारत-यूएई ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

भारत-यूएई ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति
भारत-यूएई ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह सहमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बैठक में बनी।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में पिछले वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति की समीक्षा की और इस बात पर जोर दिया कि भारत और यूएई साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स मंच सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करना जारी रखेंगे। दोनों पक्षों ने माना कि ऊर्जा, व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे और नई प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है।

बैठक में विशेष रूप से यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर की लागत से प्रस्तावित एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम परियोजना का उल्लेख किया गया, जिसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा एकीकृत एल्युमिनियम निवेश माना जा रहा है।

इस दौरान, दोनों नेताओं ने कहा कि यह परियोजना ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और भारत-यूएई निवेश सहयोग का एक बड़ा उदाहरण बनेगी।

नेताओं ने यह भी माना कि संप्रभु निवेश मंच एल-इमाद भारत और यूएई के बीच निवेश एवं आर्थिक सहयोग को और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार, इस मंच के माध्यम से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश और विकास साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच शीर्ष नेतृत्व स्तर पर नियमित संवाद की परंपरा और संबंधों में पीढ़ियों से चली आ रही निरंतरता को प्रतिबिंबित करती है। भारत और यूएई के बीच मजबूत राजनीतिक विश्वास, गहरे आर्थिक संबंध और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों की प्रमुख विशेषता बन चुके हैं।

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शुक्रवार को भारत पहुंचे थे ताकि भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले सकें। इस वर्ष भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता "बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" विषय पर केंद्रित है।

गौरतलब है कि यूएई और भारत के बीच नेतृत्व स्तर पर संपर्क लगातार मजबूत हो रहे हैं। इससे पहले 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भी मुलाकात हुई थी। उस बैठक में भी निवेश, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को और विस्तारित करने पर चर्चा हुई थी।

--आईएएनएस

डीबीपी

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